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बदहाल सड़क ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल* जनता का सच/ अभिषेक शुक्ला शोहरतगढ़/ सिद्धार्थनगर l


*बदहाल सड़क ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल*
जनता का सच/ अभिषेक शुक्ला
शोहरतगढ़/ सिद्धार्थनगर l

शोहरतगढ़। शोहरतगढ़ तहसील के अंतर्गत विकास खंड बढ़नी क्षेत्र में ढेकहरी बुजुर्ग, महादेव खुर्द होते हुए बलरामपुर बॉर्डर को जोड़ने वाली सड़क वर्षों से बदहाली का शिकार है। सड़क की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। बड़े-बड़े गड्ढों, उखड़ी गिट्टियों और ऊबड़-खाबड़ रास्ते के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क को लेकर कई बार समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाई गई, शिकायतें भी की गईं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, जब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह सड़क उनके विभाग के अंतर्गत नहीं आती, बल्कि आरएस विभाग के अधीन है।
बताया जाता है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा भी इस सड़क के संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही सड़क के निर्माण या मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। समाजवादी पार्टी नेता ने उठाए सवाल समाजवादी पार्टी नेता अनूज चौधरी ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के हजारों लोगों की जीवनरेखा है, लेकिन सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा, “सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। वर्षों से सड़क बदहाल है, कई शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि जल्द सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।”समाजसेवी ने कई बार की शिकायत युवा समाजसेवी अजय अग्रहरि ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को शिकायत भेजकर सड़क की समस्या से अवगत कराया, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला।
उन्होंने कहा, “यह सड़क सिर्फ एक मार्ग नहीं बल्कि हजारों ग्रामीणों की जरूरत है। बच्चों की शिक्षा, मरीजों का इलाज और किसानों की आवाजाही इसी रास्ते से होती है। इसके बावजूद जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे हैं।”बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित स्कूल प्रबंधन एमए पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य नुरुल हसन ने कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।
उन्होंने कहा, “प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण अभिभावकों में भय का माहौल है। प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल सड़क निर्माण कराना चाहिए।” स्कूल ड्राइवर ने बयां किया दर्द स्कूल वाहन चालक राजू ने बताया कि वह रोज बच्चों को इसी सड़क से लेकर आते-जाते हैं। उन्होंने कहा, “हर दिन डर बना रहता है। सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी गिट्टियां हैं कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश के समय स्थिति और भयावह हो जाती है। कई बार स्कूल संचालन तक प्रभावित होता है।” गर्भवती महिलाओं को भी हो रही परेशानी स्थानीय एक आशा बहू ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सड़क खराब होने के कारण गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में काफी दिक्कत होती है।
उन्होंने कहा, “कई बार प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में बहुत परेशानी होती है। खराब सड़क के कारण वाहन धीरे-धीरे चलता है और मरीजों की हालत और खराब हो जाती है, लेकिन मजबूरी में इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है।”
जनता का सवाल, आखिर कब बनेगी सड़क? क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या अब केवल आवागमन की परेशानी नहीं रह गई है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है। लोगों ने जिलाधिकारी, संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क का निरीक्षण कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीण बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर रहेंगे और कब जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे।

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