

जनता का सच के लिए मोहम्मद समीर अंसारी की रिपोर्ट
लहरपुर पालिका में भ्रष्टाचार के खिलाफ गरजे सभासद आफताब गेट पर दिया 5 घंटे धरना
लहरपुर नगर पालिका परिषद में सोमवार को उस समय प्रशासनिक हड़कंप मच गया, जब वार्ड संख्या 10 के सभासद आफताब अहमद ने पालिका प्रशासन के खिलाफ सीधे बगावत का बिगुल फूंक दिया। पालिका में फैले कथित भ्रष्टाचार, सरकारी बजट की बंदरबांट और जनता से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं की बदहाली से नाराज सभासद ने सुबह पालिका मुख्य गेट के ठीक बाहर अपना डेरा डाल दिया। भयंकर तपन और चिलचिलाती धूप के बीच सुबह 10 बजे शुरू हुआ यह धरना प्रदर्शन दोपहर 3 बजे तक लगातार जारी रहा, जिसने पालिका प्रशासन की धड़कनें बढ़ा दीं
धरने पर बैठे सभासद आफताब अहमद ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि समूचे नगर क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है। नालों की नियमित सफाई न होने से गंदगी का अंबार लगा है, तो वहीं सड़कों पर लगीं महंगी स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं, जिससे रात के वक्त शहर अंधेरे में डूब जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकों को पीने के शुद्ध पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। इस दौरान धरना स्थल पर घंटों बीत जाने के बाद भी तहसील या जिला स्तर के किसी बड़े अधिकारी के न पहुंचने पर भी तीखी चर्चाएं होती रहीं
मामला बढ़ता देख दोपहर करीब 1 बजे पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) अनूप राय ने धरना स्थल पर पहुंचकर सभासद से वार्ता की। सभासद ने जिलाधिकारी राजा गणपति आर को संबोधित 20 सूत्रीय मांगपत्र अधिशासी अधिकारी को सौंपा। इस ज्ञापन में पानी की टंकी निर्माण, हाईमास्ट लाइटों की स्थापना, आउटसोर्सिंग कर्मियों की भर्ती और विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर ठिकाने लगाए गए सरकारी धन की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की गई है।
अधिशासी अधिकारी अनूप राय ने सभासद को भरोसा दिलाया कि उठाए गए सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और एक सप्ताह के भीतर जनसमस्याओं का हर हाल में समाधान कर दिया जाएगा। ईओ से ठोस आश्वासन मिलने के बाद दोपहर करीब 3 बजे सभासद आफताब अहमद ने अपना धरना स्थगित करने का ऐलान किया। हालांकि, उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि यदि एक हफ्ते के भीतर शिकायतों पर जमीनी कार्रवाई नहीं दिखी, तो वह सीधे पदयात्रा करते हुए जिलाधिकारी की चौखट पर दस्तक देंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो वह पानी की टंकी पर बैठकर उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे और इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या जान-माल के नुकसान की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ नगर पालिका प्रशासन की होगी फिलहाल, सभासद के इन तीखे आरोपों और पालिका की बदहाली को लेकर पूरे शहर का सियासी बाजार बेहद गर्म है


