
*पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की 99वी जयंती धूमधाम से मनाई गई*
*बलिया* भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, ‘युवा तुर्क’ के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतन्त्र के नायक,
महान समाजवादी योद्धा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री हमारे पूजनीय गुरु श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर उन्हें सादर नमन।
उनका व्यक्तित्व भारतीय राजनीति में उस ध्रुव तारे की तरह है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और आदर्शों से समझौता नहीं किया।
चंद्रशेखर जी के व्यक्तित्व की कुछ मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
जननायक और वैचारिक प्रखरता:
चंद्रशेखर जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक सच्चे जननायक थे। उन्होंने भारतीय राजनीति में समाजवाद की जड़ों को मजबूत किया। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री पद तक का उनका सफर उनकी कड़ी मेहनत और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है।
1983 में कन्याकुमारी से दिल्ली तक की उनकी ऐतिहासिक भारत यात्रा’ ने उन्हें आम जनमानस से सीधे जोड़ा। इस पदयात्रा का उद्देश्य देश की बुनियादी समस्याओं जैसे कुपोषण, पेयजल और सामाजिक असमानता को समझना और उनके समाधान के लिए अलख जगाना था।
निर्भीक वक्ता और संसदीय गरिमा:
संसद में उनकी आवाज गूंजती थी तो पक्ष और विपक्ष, दोनों उन्हें मंत्रमुग्ध होकर सुनते थे। वे अपनी बेबाक राय और निर्भीक टिप्पणियों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने सदा लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय मर्यादाओं का संरक्षण किया।
सादगी और शुचिता का प्रतीक:
सत्ता के शीर्ष पर पहुँचने के बाद भी उनके स्वभाव में वही सादगी और ग्रामीण परिवेश की सौम्यता बनी रही। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शिका है कि कैसे राजनीति में रहते हुए भी अपनी नैतिकता और जमीर को जीवित रखा जा सकता है।
राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक माध्यम है। – यह दर्शन चंद्रशेखर जी के संपूर्ण जीवन में झलकता है।
आज उनकी जयंती के अवसर पर, हम उनके बताए हुए सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद की छाया सदैव हमारी मार्गदर्शन करती रहे।


