प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. विद्यासागर उपाध्याय इन्दौर में ‘दर्शन-साहित्य-प्रज्ञाशिखर सम्मान’ से अलंकृत
बलिया। वैश्विक पटल पर हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, दार्शनिक चेतना के पुनर्जागरण और सनातन ज्ञान-परम्परा के संरक्षण हेतु समर्पित संस्था ‘विश्व हिन्दी प्रचारिणी महासभा’ द्वारा मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी इन्दौर में आयोजित एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं वैश्विक सम्मान समारोह में मूल रूप से बलिया निवासी लब्धप्रतिष्ठ दार्शनिक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को संस्थान द्वारा ‘दर्शन-साहित्य-प्रज्ञाशिखर सम्मान – 2026’ से विभूषित किया गया है। श्री मध्य भारत हिन्दी साहित्य समिति के ऐतिहासिक सभागार (मानस भवन, आर.एन.टी. मार्ग) में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में देश के अनेक प्रांतों के प्रबुद्ध विचारकों और साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अपरिहार्य कारणों से डॉ. विद्यासागर उपाध्याय इस समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, जिसके चलते उनकी अनुपस्थिति में उनका सम्मान-पत्र, अंगवस्त्र और सम्मान प्रतीक मंच पर उपस्थित विदुषी डॉ. किरण पांचाल-‘अंकनी’ ने ग्रहण किया। महासभा द्वारा डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को समर्पित मान-पत्र में उनके द्वारा रचित कालजयी 23 कृतियों जैसे—‘अहम् ब्रह्मास्मि’, ‘मृत्यु मीमांसा’, ‘ब्रह्माण्ड का सोर्स कोड – सांख्य दर्शन’, ‘हिग्स बोसान – तत्व मीमांसा’, ऐतिहासिक उपन्यास ‘संक्रान्ति का संहार – पानीपत की महागाथा’ और शास्त्रीय छंदों से युक्त खण्डकाव्य ‘गांडीव के पार’ आदि का विशेष उल्लेख करते हुए उन्हें आधुनिक युग का ‘ऋषिकल्प मनीषी’ बताया गया। संस्था के पदाधिकारियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, ग्रेट ब्रिटेन, मॉरिशस, नेपाल, भूटान, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, फिजी तथा घाना सहित दर्जनों देशों में कहीं भौतिक उपस्थिति तो कहीं वर्चुअल माध्यम से हिन्दी की संप्रभुता स्थापित करने में डॉ. उपाध्याय के योगदान को अतुलनीय बताया। डॉ. उपाध्याय की इस उपलब्धि पर जनपद के प्रबुद्धजनों, और साहित्यकारों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। इस गौरवपूर्ण क्षण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हरेंद्रनाथ मिश्र, संतोष दीक्षित, करुणानिधि तिवारी, अशोक कुमार पाण्डेय, रवींद्र कुमार यादव, अंकुश कुमार सिंह, भारतेंदु चौबे, विजय प्रताप आर्य, अमितेश्वर राय, नीरज कुमार मिश्र, बड़ेलाल यादव तथा नंद जी नंदा आदि ने उन्हें सहर्ष बधाई दी है।




