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जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, दो चरणों में होगा कार्यान्वयन*


कमलेश ओझा ब्यूरो चीफ बलिया
*जिले में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, दो चरणों में होगा कार्यान्वयन*

*जिले में घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, मई से शुरू होगा सर्वे*

*स्वगणना पर जोर, बलिया में जनगणना को लेकर प्रशासन अलर्ट*

बलिया। जनगणना-2027 के सफल संचालन को लेकर जनपद स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनगणना 2027 के कार्यक्रम और उसकी समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न कराई जाएगी। प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य किया जाएगा, जिसमें 07 मई से 21 मई 2026 तक स्वगणना होगी, जबकि 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर विवरण एकत्र करेंगे। द्वितीय चरण में जनसंख्या एवं जाति आधारित गणना की जाएगी। यह चरण 09 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जबकि 01 मार्च से 05 मार्च 2027 तक पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण की सूची तैयार कर प्रत्येक तहसील स्तर पर ही ट्रेनिंग आयोजित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण के बाद कर्मियों की परीक्षा भी होगी, और जो कर्मचारी उसमें सफल नहीं होंगे, उन्हें पुनः प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा खंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य का नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना कार्य में विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी विभागाध्यक्ष अपने-अपने कार्यालयों के कर्मचारियों को स्वगणना के लिए प्रेरित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं स्वगणना करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से भी इसे अनिवार्य रूप से करवाएं, ताकि जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ संपन्न हो सके।
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*राजस्व वसूली में लापरवाही पर डीएम सख्त, विभागों को दी चेतावनी*

*राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश, हर 15 दिन पर होगी समीक्षा*

*परिवहन, आबकारी और पीडब्ल्यूडी की कम वसूली पर डीएम नाराज*

*आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता पर जोर*

बलिया। जनपद में राजस्व कार्यों की समीक्षा एवं कर-करेतर वसूली को लेकर गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने पिछली वसूली की स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में परिवहन विभाग और आबकारी विभाग लक्ष्य के सापेक्ष वसूली नहीं कर पाए। इसके अलावा मंडी रसड़ा में भी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रह नहीं हो सका। पीडब्ल्यूडी विभाग की वसूली भी अपेक्षाओं से कम रही। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित क्षेत्रों के लिए एसडीएम, जो कि मंडी के सभापति होते हैं, उन्हें ही इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने सभी विभागों को चेताया कि नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जो राजस्व लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, उन्हें हर हाल में समय से पूरा किया जाए।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि राजस्व लक्ष्य को मासिक आधार पर विभाजित कर वसूली सुनिश्चित की जाए। सभी तहसीलदारों को हफ्ते में कम से कम एक बार अमीनों से संवाद करने और प्रगति की समीक्षा करने को कहा गया। वहीं एसडीएम को हर 15 दिन में वसूली की समीक्षा करने और लक्ष्य के मुकाबले प्रगति की जानकारी रखने के निर्देश दिए गए। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि नेगेटिव फीडबैक पर विशेष ध्यान दिया जाए और पूरी पारदर्शिता के साथ शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सभी अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को निर्देशित किया गया कि मंत्री, विधायक और सांसद द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और समयबद्ध तरीके से उनका निष्पादन किया जाए। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन, एडीएम अनिल कुमार, सभी एसडीएम एवं जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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