Advertisement

विश्व हिन्दू परिषद् के पालक अधिकारी के रूप में है भगवत सरन गौतम जो की दलित समाज के जाटव जाति से आते है इन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती पर कोई भी विचार प्रकट नही किया और दलित समाज को नीचा दिखाने का किया है।


पढ़िए बरेली से बड़ी निन्दनीय खबर ।
विश्व हिन्दू परिषद् के पालक अधिकारी के रूप में है भगवत सरन गौतम जो की दलित समाज के जाटव जाति से आते है इन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती पर कोई भी विचार प्रकट नही किया और दलित समाज को नीचा दिखाने का किया है।
इन्हे बाबा साहब अम्बेडकर जी की जयंती पर राम जी का उत्सव मनाने का काम किया है।
इनके प्रति अब दलित समाज में काभी गुंशा फूट रहा है यह भूल रहे हैं कि इनके लिए बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने कितनी कुर्बानियां की है अपने चार चार बेटे और अपनी मां को खोया है।तब जा के इनको यह आजादी मिली है।
जनता जानना चाहती हैं की भगवत सरन आप कव से आरएसएस के चाटू हो गए आज से लगभग सौ वर्ष पूर्व कि कहानी भूल गए जब तुम्हारे परदादे को पानी पीने ,खटिया पर बैठने का भी हक नहीं था ।
तब भी तो यह आरएसएस था इसने किया आपके समाज की कोई सहायता की थी क्या जब बाबा साहब ने सविधान लिखा तब जाके भगवत सरन तुमको यह अच्छे कपड़े और बोलने की आजादी मिली है।
आज बाबा साहब अम्बेडकर जयंती पर भगवत सरन ने अपने स्वार्थ के खातिर राम उत्सव मनाया और दलित समाज को नीचा दिखाने का काम किया है।
इससे दलित समाज में भगवत सरन के प्रति काफी नाराजगी देखने को मिल रही हैं।

जहां पूरे भारत वर्ष ही नहीं दुनियां में लगभग दो सौ देशों मे डाक्टर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की 135 वी जयंती बड़े ही धूम धाम से मनाई जा रही हैं।

भारत वर्ष के राष्ट्र पति, से लेकर प्रधान मंत्री,मुख्य मंत्री, सांसद,विधायक ,यहां तक कि हर विभाग में अंबेडकर जयंती को हर्षो उल्लास के साथ मनाया जा रहा है ।
एक यह है दलित समाज के भगवत सरन जी जो बाबा साहब अम्बेडकर जयंती कि जगह राम उत्सव मनाने में लगे हैं इनका इतिहास हमेशा अपने स्वार्थ पर कार्य कर्ता है।

इस लिए अब दलित समाज ऐसे मनुवादी लोगो को बिल्कुल ही बरदास नही करेगा ।
यह एक बड़ी शर्म और लज्जा की बात है जो कि अपने ही समाज का व्यक्ति अपने समाज को छोड़ कर छूट और पाखंड में जाकर बिस्वास कर रहा है या कोई लालच है ।

जिला संवाद दाता बरेली।
हरीश कुमार गौतम।

Janta Ka Sach News