
रिपोर्टर तहसील प्रभारी जे पी कुशवाहा
शिव पार्वती विवाह अटूट प्रेम, तपस्या और समर्पण की गाथा है : ब्रह्मानंद शास्त्री
गोला- गोरखपुर
गोला तहसील क्षेत्र के बिशुनपुर राजा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन व्यासपीठ से आचार्य ब्रह्मानंद शास्त्री ने शिव पार्वती विवाह कथा का सुंदर रसपान कराते हुए कहा कि शिव पार्वती विवाह की कथा अटूट प्रेम,तपस्या और समर्पण की गाथा है। कथा को आगे बढ़ाते हुए शास्त्री जी ने कहा कि माता सती के आत्मदाह के बाद,पार्वती के रुप में जन्मी आदि शक्ति कठोर तपस्या से शिवजी को प्रसन्न किया।
उन्होंने आगे कहा कि भगवान शिव के शादी में विचित्र बाराती थे।जैसे योगी गण,भूत,पिशाच,किसी के एक हाथ तो किसी की एक टांग नही है और तो और बिना आंख वाले लोग भी बारात में शामिल थे। जिसे देख पार्वती जी की माता जी मैना देवी डर गई। विचित्र बारातियों के साथ आए शिव जी का मैना रानी ने पहले विरोध किया। मैना रानी को प्रसन्न करने के लिये शिव जी ने भष्म धारी रुप से दिव्य और सुंदर रूप धारण किया और बाद में विष्णु जी और नारद मुनि की उपस्थिति में हिमालय के त्रिगुणी नारायण मंदिर में विवाह सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्य यजमान जंगबहादुर चौरसिया सपत्निक और बंशबहादुर चौरसिया सपत्निक सहित सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने कथा का रसपान किया।


