
अब भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को सबसे बड़ी नसीहत दी।
मूंग के दाने तो हैं, नहीं और घी- दाल की उम्मीद की जा रही है।
मुख्यमंत्री के पद वाले मेरे बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया-वसुंधरा राजे।
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जनता का सच
स्टेट चीफ राधामोहन अग्रवाल
राजस्थान में भाजपा की सरकार और संगइन को बार बार नसीहत देने वाली पूर्व सीएम वसुंधरा राजे को अब प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने बड़ी नसीहत दे दी है। 11 अप्रैल को बीकानेर में राठौड़ ने कहा कि यह जरूरी नहीं कि हर बार वसुंधरा राजे को ही मुख्यमंत्री बनाया जाए। राजस्थानी कहावत कहते हुए राठौड़ ने कहा कि मूंग के दाने नहीं है, लेकिन फिर भी घी-दाल की उम्मीद की जा रही है। राठौड़ ने यह बात वसुंधरा राजे के उस बयान के संदर्भ में कही जिसमें राजे ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप लोग छोटी छोटी बातों पर विवाद न करे, मैं तो खुद अपना पद नहीं बचा सकी। मैं खुद अपने लिए नहीं लड़ सकी। राजे ने यह बात 9 अप्रैल को अपने सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह की जनसंवाद पदयात्रा के दौरान कही थी। इससे पहले भी भाजपा संगठन की बैठकों में वसुंधरा राजे सरकार और संगठन को नसीहत देती रही है। राजे ने कार्यकर्ताओं को सम्मान देने तो कभी सरकार को सही तरीके से काम करने की सलाह देती है, लेकिन 11 अप्रैल को यह पहला अवसर रहा जब प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने वसुंधरा राजे को बड़ी नसीहत दे दी। मदन राठौड़ का यह भी कहना रहा कि वसुंधरा राजे जो भी काम बताती है, उसे पूरा किया जाता है। वसुंधरा राजे ने मेरे समक्ष कभी कोई शिकायत नहीं की। आज ही राजे ने मुझे फोन किया। वहीं वसुंधरा राजे ने कहा कि झालावाड़ में 9 अप्रैल को मेरे कथन को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। मैंने मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बात नहीं कही। मैंने तो कार्यकर्ताओं से औपचारिक बातचीत में कहा था कि धौलपुर में नेशनल हाइवे के निर्माण के लिए मेरे घर की जमीन को ही ले लिया गया। जनहित में मैंने बिना लड़े अपने घर की जमीन दे दी।
राठौड़ के बयान से माहौल गर्म:
मदन राठौड़ ने वसुंधरा राजे को लेकर जो बयान दिया है, उससे राजस्थान की राजनीति गर्म हो गई है। वसुंधरा राजे को लेकर दिया गया यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि राजे मौजूदा समय में भी भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। अभी तक भी भाजपा के किसी नेता ने राजे के खिलाफ इतने सख्त शब्दों का उपयोग नहीं किया। राजे ने चाहे कितनी भी नसीहत दी हो, लेकिन भाजपा के नेताओं ने राजे के प्रति विनम्रता ही दिखाई। कहा जा रहा है कि मदन राठौड़ ने राजे को लेकर बीकानेर में जो बयान दिया उसमें बड़े नेताओं की भी सहमति रही है, क्योंकि वसुंधरा राजे की बार बार की नसीहतों से प्रदेश में भाजपा की सरकार की छवि पर प्रतिकूल असर पड़ा रहा था।


