
उत्तर प्रदेश पुलिस का मानवीय चेहरा: शोहरतगढ़ पुलिस ने महिला को सकुशल बरामद कर परिवार से मिलाया
सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)।
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत खुनवा चौकी पुलिस की टीम ने एक लापता महिला को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया है, जिससे क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की चहुंओर प्रशंसा हो रही है।
खुनवा चौकी क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला संदिग्ध परिस्थितियों में अपने दो बच्चों और पति को छोड़कर गायब हो गई थी। परेशान पति ने इस संबंध में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में शक के आधार पर 25 मार्च 2026 को तीन स्थानीय युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर भी दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शोहरतगढ़ थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में खुनवा चौकी इंचार्ज सुरेश कुमार यादव और उनकी टीम ने सघन जांच शुरू की। अक्सर ऐसे मामलों में निर्दोष लोग फंस जाते हैं, लेकिन यहाँ पुलिस ने प्रोफेशनल पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया।
चौकी इंचार्ज सुरेश कुमार यादव ने बताया कि नामजद किए गए तीन लोगों से जब कड़ाई और वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, तो उनकी कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। पुलिस ने हार नहीं मानी और अपने अथक प्रयासों व मुखबिरों के जाल की मदद से लापता महिला को ढूंढ निकाला।
वर्दी पर बढ़ा जनता का विश्वास
आज के दौर में जहाँ छोटी-छोटी बातों पर पुलिस की आलोचना होती है, वहीं खुनवा पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली से समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है। थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर पकड़ मजबूत हुई है।
“पुलिस का काम केवल दंड देना नहीं, बल्कि बिखरते परिवारों को जोड़ना और न्याय सुनिश्चित करना भी है। खुनवा चौकी इंचार्ज और उनकी टीम ने इसे बखूबी साबित किया है।” — स्थानीय निवासी
महिला के सकुशल मिलने के बाद उनके पति और बच्चों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद महिला को उसके पति के 10 अप्रैल 2026 शाम को सुपुर्द कर दिया।
उत्तर प्रदेश पुलिस की यह पहल साबित करती है कि यदि जांच सही दिशा में और संवेदनशीलता के साथ की जाए, तो न्याय भी मिलता है और खाकी का इकबाल भी बुलंद होता है।


