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जो ब्लॉग में लिखा वही पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल ने कहा।


जो ब्लॉग में लिखा वही पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल ने कहा।

एसीबी की विशेष अदालत के परिसर में मीडिया से संवाद करना पूर्व आईएएस का रुतबा दर्शाता है ।
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जनता का सच
स्टेट चीफ राध्यामोहन अग्रवाद
राजस्थान के बहुचर्चित एक हजार करोड़ के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में गिरफ्तार हुए पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को लेकर मैंने 10 अप्रैल को ब्लॉग संख्या 12137 लिखा। इस ब्लॉग में जो लिखा गया, वही बात सुबोध अग्रवाल ने अपने बचाव में कही। अग्रवाल ने कहा कि मैं जब जलदाय विभाग का प्रमुख था, तब जेजेएम में किसी भी ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ। उल्टे मैंने तो फर्जी प्रमाण पत्र के मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई। मुझसे पहले सुधांश पंत और अन्य आईएएस जलदाय विभाग में नियुक्त रहे। उन्हीं के कार्यकाल में करोड़ों के टेंडर स्वीकृत हुए और ठेकेदारों को भुगतान भी किया गया। अग्रवाल ने इस घोटाले में स्वयं को निर्दोष बताया। मैंने अपने ब्लॉग में यह सवाल उठाया था कि क्या अब एसीबी अपनी जांच में उन सुधांश पंत को शामिल करेगी जो कुछ माह पहले तक प्रदेश के मुख्य सचिव रहे। मौजूदा समय में भी सुधांश पंत केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर है। सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी से अब जेजेएम घोटाले में नया मोड़ आ गया है। अग्रवाल के रुतबे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 10 अप्रैल को जब उन्हें जयपुर स्थित एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया गया, तब अदालत परिसर में ही अग्रवाल ने मीडिया से संवाद किया। आमतौर पर किसी भी आरोपी को जांच एजेंसियां मीडिया सेे बात करने का मौका नहीं देती है,लेकिन 10 अप्रैल को अग्रवाल ने अदालत परिसर में बड़े आराम से मीडिया से बात की। हालांकि बातचीत के दौरान भी एसीबी के अधिकारी अग्रवाल को घेरे हुए थे। सवाल उठता है कि जो आरोपी एसीबी की गिरफ्त में है, वह मीडिया से कैसे संवाद कर रहा है? मालूम हो कि अग्रवाल के परिवार में अनेक सदस्य आईएएस, आईपीएस, आईआरएस है। अग्रवाल 13 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर है

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