
यदि रसोई गैस का कोई संकट नहीं है तो उपभोक्ताओं को बुकिंग के साथ डिलीवरी दी जाए।
जिन बड़े परिवारों में प्रतिमाह दो सिलेंडर की खपत है, उनके लिए 25 दिन वाला राइडर मुसीबत बना।
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जनता का सच
स्टेट ब्युरो राधामोहन अग्रवाल
राजस्थान में सरकार की ओर से बार बार कहा जा रहा है अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से रसोई गैस का कोई संकट नहीं है। किसी भी उपभोक्ता को घबराने की जरुरत नहीं है। यदि सरकार का यह दावा सही है तो फिर बुकिंग के साथ सिलेंडर की डिलीवरी क्यों नहीं दी जा रही है? 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले उपभोक्ता से संबंधित गैस एजेंसियां बुकिंग के साथ सिलेंडर की डिलीवरी दे रही थी। चूंकि ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था है, इसलिए जिस दिन बुकिंग करवाई जाती है उसी दिन सिलेंडर घर पर पहुंच जाता था। कभी कभार बुकिंग के दूसरे दिन सिलेंडर मिलता था। तब किसी भी उपभोक्ता को गैस एजेंसी के दफ्तर या गोदाम पर जाने की जरूरत नहीं थी, लेकिन देखा जा रहा है कि बुकिंग के बाद सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल रही है। यही वजह है कि उपभोक्ता अपने खाली सिलेंडर लेकर संबंधित एजेंसी के दफ्तर या गोदाम के बाहर लंबी कतार में खड़े है। सवाल उठता है कि जब रसोई गैस का कोई संकट नहीं है तो फिर उपभोक्ताओं के घरों पर सिलेंडरों की डिलीवरी क्यों नहीं हो रही? सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए। यदि सरकार पहल नहीं करेगी तो फिर उपभोक्ताओं के सामने अनेक संकट खड़े हो जाएंगे और आने वाले समय में कानून व्यवस्था भी बिगड़ सकती है। सरकार माने या नहीं, लेकिन रसोई गैस के सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं जिन उपभोक्ताओं के घरों पर निजी क्षेत्र की कंपनियों की सप्लाई है, उन्हें कोई परेशानी नहीं है। अब हर उपभोक्ता चाहता है कि उसके घर में पाइपलाइन से गैस की सप्लाई शुरू हो जाए।
राइडर से मुसीबत:
रसोई गैस के संकट को देखते हुए सरकार ने बुकिंग में 25 दिन का राइडर लगा दिया है। यानी एक बुकिंग के बाद दूसरी बुकिंग 25 दिन बाद ही होगी। इसे उन परिवारों के समक्ष बड़ा संकट खड़ा हो गया है उन्हें प्रतिमाह दो सिलेंडर की जरूरत है।
होटल, रेस्टोरेंट बंद होने लगे:
युद्ध के कारण गैस संकट हो गया है, इसलिए राजस्थान में भी होटल और रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं। सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे होटल और रेस्टोरेंटों में लोगों को लंच डिनर उपलब्ध नहीं हो रहा है। शादी समारोह वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


