
*सूत्रों से मिली जानकारी*
*टेरा साफ्टवेयर कंपनी के एच आर शैलेंद्र महोदय द्वारा संतकबीरनगर सर्किल मे, एक ही परिवार के चार सदस्य सलीम दुर्रानी नुरुल्लाह खान रहीम खान जुनैद खान एक ही सर्किल में इन चार लोगों की भर्ती, बिजली विभाग के बिलिंग एजेंसी में सर्किल मैनेजर एवं सुपरवाइजर के पद पर की गई थी*
*सर्किल सलीम दुर्रानी एवं उनके परिवार के सदस्य सभी लोग कंपनी में सर्कल और सुपरवाइजर के पद पर मनोनीत थे विद्युत विभाग संतकबीरनगर बस्ती जोन के अंतर्गत अधीक्षण अभियंता के साथ साथ अधिशाषी अभियंता की मिलीभगत से रीडिंग स्टोर कराकर, मीटर बदलने के कार्य में पूरी तरह से संलिप्त थे,और राजस्व की क्षतिग्रस्थी और विद्युत विभाग में बंदरबांट में ये सभी लोग शामिल है उपयुक्त प्रकरण के मामले को जानते हुए भी सर्किल सलीम दुर्रानी और उनके परिवार में सभी सुपरवाइजर के खिलाफ विभाग के के तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया गया कंपनी के बस्ती जोन के जोनल महोदय द्वारा एक्शन लेने के बाद संत कबीर नगर विद्युत विभाग के SE महोदय के द्वारा नाराजगी जताई गई*
*फील्ड में जांच के दौरान उपभोक्ताओं के द्वारा , टेरा साफ्टवेयर कंपनी के जोनल हेड को,सलीम दुर्रानी के स्टोर रीडिंग पर मीटर बदलवाने का दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से संतकबीरनगर के सर्किल मैनेजर को टर्मिनेट किया गया था*
*परंतु अधिशाषी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता मिलकर असली मलाई काट रहे थे ) टेरा साफ्टवेयर कंपनी के प्रोजेक्ट हेड द्वारा बिजली माफिया सर्किल मैनेजर को दुबारा बहाल किया गया जो लाखों का चपत कर चुका है और वह अपने गृह जनपद में करीब 14 वर्षों से कार्य कर रहा है और विभाग के अधिकारियों के द्वारा पोषण किया जा रहा है और अभी तक विभाग के द्वारा कोई भी प्राथमिकी सलीम दुर्रानी के ऊपर नहीं कराई गई है जो की बिजली माफिया है*
*बिजली विभाग को दीमक की तरह चाट रहे एवं राजस्व को चूना लगा रहे जिन लोगों पर कार्रवाई सीधे बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को करनी थी वह काम टेरा साफ्टवेयर कंपनी के जोनल मैनेजर के द्वारा किया गया लेकिन भ्रष्टाचारियों के आगे जोनल हेड की एक न चली*
*सर्किल मैनेजर सलीम दुर्रानी के द्वारा स्टोर रीडिंग कराकर मीटर बदलने और उपभोक्ताओं से ज़बरन धनउगाही का आडियो वाइरल हुआ इसी संज्ञान में एक और मामला इसी माफिया का है जो सुपरवाइजर से पैसा लेकर मोबाइल और AC लिया है अब देखना ये है की ऐसे भ्रष्ट कर्मचारी के खिलाफ विभाग अथवा कंपनी द्वारा करवाई की जाती है या नहीं*


