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सवाई माधोपुर के पर्यटन, विरासत और पंच गौरव को वैश्विक पहचान देने की पहल*


*सवाई माधोपुर के पर्यटन, विरासत और पंच गौरव को वैश्विक पहचान देने की पहल*
*जिला कलक्टर काना राम ने डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों को आमंत्रण देने के लिए शॉर्ट फिल्म रिलीज की
जनता का सच
स्टेट ब्युरो राधामोहन अग्रवल
सवाई माधोपुर, 6 मार्च।* सवाई माधोपुर जिले में पर्यटन की दृष्टि से प्रचुर संभावनाओं, जिले की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को देश और विदेश के पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने के लिए एक शार्ट फिल्म Sawai Madhopur – Land of Tigers & Timeless Heritage तैयार करवाई गई है।
जिला कलक्टर काना राम ने यह फिल्म जिला प्रशासन, सूचना एवं जन सम्पर्क तथा पर्यटन विभाग के विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से रिलीज की है। यह शॉर्ट फिल्म दुनिया भर के पर्यटकों, संस्कृति, इतिहास और विरासत तथा प्रकृति संरक्षण में रुचि रखने वालों के साथ साथ आम लोगों को जिले की यात्रा करने के लिए आमंत्रित करती है।
जिला कलक्टर काना राम के संरक्षण तथा जिला सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय के अधिकारियों के निर्देशन में तैयार इस शॉर्ट फिल्म में क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सवाई माधोपुर जिले के ऐतिहासिक और प्राकृतिक रमणीय स्थानों को दर्शाया गया है । यहां की प्राकृतिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन संपदा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से डॉक्यूमेंट्री में विभिन्न स्थानों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें जिले की विशिष्ट पहचान, पंच गौरव पहल और पर्यटन संभावनाओं को भावपूर्ण चित्रण किया गया है।
डॉक्यूमेंट्री में यूनेस्को विश्व धरोहर रणथंभौर किले, रणथंभौर टाइगर रिजर्व की समृद्ध जैव-विविधता, पदम एवं मलिक तालाब, चंबल नदी के पालीघाट, खंडार किले, जिले के प्रमुख बांधों सहित प्राकृतिक स्थलों को प्रमुखता से दर्शाया गया है। साथ ही, त्रिनेत्र गणेश मंदिर, चौथ माता, घुश्मेश्वर महादेव शिवाड़, सीता माता तथा अन्य प्राचीन आस्था स्थलों के माध्यम से जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
डॉक्यूमेंट्री में जिले की लोक संस्कृति, मांडना कला, ढूंढाड़ी बोली, पद दंगल, लोकगीत-नृत्य, मेलों एवं ग्रामीण जीवन की सादगी को भी शामिल किया गया है। पंच गौरव पहल के अंतर्गत बांसटोडरा की मार्बल मूर्ति कला, अमरूद महोत्सव , स्थानीय कृषि उत्पाद, पारंपरिक व्यंजन, युवाओं में बढ़ती खेल गतिविधियां तथा नीम आधारित हरित पहल जैसी विशिष्ट उपलब्धियों को भी रेखांकित किया गया है।
जिला कलक्टर का मानना है कि यह डॉक्यूमेंट्री सवाई माधोपुर को केवल वन्यजीव पर्यटन तक सीमित न रखते हुए इसे प्रकृति, संस्कृति, आस्था, हस्तशिल्प और ग्रामीण अनुभवों के समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह प्रचार सामग्री निवेश, पर्यटन एवं स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी योगदान देगी।
जिला प्रशासन ने आशा व्यक्त की है कि यह पहल सवाई माधोपुर की विशिष्ट पहचान को व्यापक मंच प्रदान करते हुए देश-विदेश के पर्यटकों को इस ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर से रूबरू कराने में मील का पत्थर साबित होगी।
📍Youtube Link ..👇
https://youtu.be/2YYIaEfT

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