
सीलिंग भूमि से तहसील प्रशासन ने हटाया अवैध कब्जा
# शोहरतगढ़ तहसील प्रशासन ने हटाया 13 बीघा अवैध व अनाधिकृत कब्जा
# भूमि का सीमांकन कर ग्राम प्रधान को सौंपी गई जमीन
# वर्षों से चल रही थी खेती, न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने की सुपुर्दगी की कार्रवाई
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर।
तहसील क्षेत्र के बढ़नी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम धनौरा एहतमाली, तप्पा खजहनी, परगना नौगढ़ में सीलिंग खाते में दर्ज सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाकर प्रशासन ने उसे सीमांकन के बाद ग्राम प्रधान को सुपुर्द कर दिया। यह कार्रवाई 12 फरवरी 2026 को राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में पूरी की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम धनौरा एहतमाली स्थित गाटा संख्या 186क /0.736 हेक्टेयर एवं 200क / 0.898 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में सीलिंग भूमि के रूप में दर्ज है। उक्त भूमि पर गांव निवासी इजहार अहमद पुत्र गुलाम अब्दुल कादिर का अवैध कब्जा था और वे कई वर्षों से इस भूमि पर खेती कर रहे थे। वर्तमान समय में भी उक्त भूमि पर गेहूं की फसल बोई गई थी।राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर भूमि का सीमांकन किया गया तथा उत्तर दिशा की ओर लाल झंडी लगाकर विधिवत चिन्हांकन किया गया। इसके बाद नियमानुसार खड़ी फसल एवं वास्तविक कब्जा ग्राम प्रधान को सौंपते हुए सुपुर्दगी की कार्रवाई पूरी की गई।
वर्ष 2021 में शुरू हुई थी जांच प्रक्रिया- यह प्रकरण तहसीलदार की आख्या दिनांक 15 जनवरी 2021 के आधार पर पंजीकृत कर जांच प्रारंभ की गई थी। जांच में पाया गया कि संबंधित गाटा संख्या चकबंदी अभिलेखों में अतिरिक्त (सीलिंग) भूमि के रूप में दर्ज है। पूर्व में चकबंदी अधिकारी द्वारा पारित आदेश के आधार पर अब्दुल हलीम पुत्र अदालत का नाम दर्ज किया गया था, जिसे बाद में उप जिलाधिकारी न्यायालय, शोहरतगढ़ द्वारा दिनांक 30 दिसंबर 1998 को निरस्त कर दिया गया था। इसके विरुद्ध दायर निगरानी याचिका भी अपर आयुक्त प्रशासन, बस्ती मंडल द्वारा 17 अगस्त 1999 को खारिज कर दी गई थी।
अभिलेखों में नाम दर्ज होना पाया गया फर्जी- तहसीलदार द्वारा अभिलेखों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि 5 नवंबर 2007 को बिना सक्षम आदेश के पुनः नाम दर्ज कर दिया गया था, जिसके आधार पर इजहार अहमद का नाम खतौनी में अंकित हो गया। इसे न्यायालय ने फर्जी एवं त्रुटिपूर्ण मानते हुए निरस्त कर दिया।
न्यायालय के आदेश के बाद हुई कार्रवाई- सक्षम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में तहसील प्रशासन ने सीमांकन कर भूमि को सरकारी अभिलेख के अनुसार ग्राम प्रधान को सुपुर्द कर दिया तथा रजिस्टर मालिकान एवं खतौनी में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले को लेकर एसडीएम विवेकानंद मिश्रा ने बताया कि सरकारी एवं सीलिंग भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। इस प्रक्रिया में एसडीएम विवेकानंद मिश्र तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, नायब तहसीलदार महमूद अंसारी, कानूनगो, हल्का लेखपाल मुस्ताक आदि की सक्रिय भूमिका रही।


