Advertisement

देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष भडाना ने अजमेर पुलिस के सामने स्वयं को लाचार बताया।


देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष भडाना ने अजमेर पुलिस के सामने स्वयं को लाचार बताया।

पूर्व सरपंच गोविंद राम गुर्जर की हत्या पर गुर्जर समाज में रोष।
================
राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त राजस्थान देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओम प्रकाश भडाना ने 18 फरवरी को
जनता का सच
स्टेट ब्युरो राधामोहन अग्रवाल
अजमेर पुलिस के सामने स्वयं को लाचार और बेबस बताया। भडाना ने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया कि मेरे दखल और आग्रह के बाद भी पुलिस ने मांगलियावास क्षेत्र के डूमाड़ा के पूर्व सरपंच गोविंद राम गुर्जर की हत्या के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने में कोताही बरती है। भडाना ने बताया कि गत 11 फरवरी को डूमाड़ा में आम रास्ते को लेकर जब कुछ लोग अतिक्रमणकारियों के साथ समझाइश कर रहे थे, तब पूर्व सरपंच होने के कारण गोविंद राम गुर्जर को भी बुलाया गया। रास्ते के विवाद से पूर्व सरपंच का कोई सरोकार नहीं था, लेकिन फिर भी आरोपी परमेश्वर और उसके सहयोगी गुरुदयाल गुर्जर, गोपाल गुर्जर, छगनलाल गुर्जर आदि ने बोलेरो कार से गोविंद राम गुर्जर को नुकसान पहुंचाया। बोलेरो की चपेट में आने के कारण गोविंद राम बुरी तरह जख्मी हो गए उन्हें अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 18 फरवरी को उनकी मृत्यु हो गई। भडाना का आरोप है कि उन्होंने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस से आग्रह किया था, लेकिन पुलिस ने उनके आग्रह को गंभीरता से नहीं लिया। यही वजह है कि अब अजमेर के गुर्जर समाज में रोष है। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस लापरवाही को वे सरकार में उचित मंच पर उठाएंगे, लेकिन उन पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही होनी चाहिए जिसकी वजह से आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने सिर्फ परमेश्वर गुर्जर को ही गिरफ्तार किया है, जबकि परमेश्वर के पिता छगनलाल भाई गोपाल तथा रिश्तेदार गुरुदयाल लापता हैं। इस परिवार का संबंध डूमाड़ा के मौजूदा सरपंच जयदेव गुर्जर से है। उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष होकर अपना काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पुलिस के अधिकारियों ने गुर्जर समाज की भावनाओं को नहीं समझा। अब इस मामले को लेकर गुर्जर समाज में रोष हैं। यदि 20 फरवरी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 21 फरवरी को अजमेर बंद किया जाएगा।

Janta Ka Sach News