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धीरेंद्र शास्त्री की शोभायात्रा ख्वाजा साहब की दरगाह के सामने से नहीं गुजरेगी।


धीरेंद्र शास्त्री की शोभायात्रा ख्वाजा साहब की दरगाह के सामने से नहीं गुजरेगी।

पुष्कर में हनुमंत कथा से पहले पहले धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कारी बालाजी आ जाएंगे। 23 फरवरी से हनुमंत कथा और दिव्य दरबार।
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जनता का सच
स्टेट ब्युरो राधामोहन अग्रवल
बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा 23 से 25 फरवरी तक पुष्कर के नए मेला मैदान में होगी। तीन दिवसीय कथा प्रतिदिन एक बजे से शुरू होगी और कथा समाप्ति के बाद धीरेंद्र शास्त्री का बालाजी दरबार भी लगेगा। कथा में लाखों श्रद्धालुओं के भाग लेने की उम्मीद है, इसलिए पुष्कर में कथा के बड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ साथ पुष्कर के भाजपा विधायक और केबिनेट मंत्री सुरेश रावत भी इंतजामों में जुटे हुए हैं। कथा की आयोजन समिति से जुड़े गौरी शंकर शर्मा, पवन शर्मा और अमित जैन ने बताया कि धीरेंद्र शास्त्री 22 फरवरी को दोपहर को विशेष विमान से किशनगढ़ स्थित एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत के बाद धीरेंद्र शास्त्री को जयपुर रोड स्थित अजमेर विकास प्राधिकरण के नवनिर्मित भवन तक लाया जाएगा और फिर यही से शोभायात्रा के साथ अजमेर शहर का भ्रमण कराया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार प्राधिकरण के कार्यालय से शुरू हुई शोभायात्रा रोडवेज चौराहा, सूचना केंद्र, आगरा गेट, गांधी भवन, क्लॉक टावर, मदार गेट, चूड़ी बाजार, नया बाजार, सोनी जी की नसियां, महावीर सर्किल, वैशाली नगर होते हुए रीजनल कॉलेज चौराहा स्थित भगवान परशुराम सर्किल पर समाप्त होगी। यानी धीरेंद्र शास्त्री की शोभायात्रा अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह के सामने से नहीं गुजरेगी। आमतौर पर ऐसी धार्मिक शोभायात्राएं मदार गेट से नला बाजार होते हुए दरगाह के सामने से धान मंडी की ओर जाती है। तय कार्यक्रम के अनुसार धीरेंद्र शास्त्री की शोभायात्रा दरगाह से आधा किलोमीटर पहले से ही मुड़ जाएगी। अजमेर में निकलने वाली शोभायात्रा को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। यही वजह है कि शोभायात्रा वाले मार्ग में जगह जगह स्वागत द्वार बनाए जाएंगे।

बालाजी पहले आएंगे:
धीरेंद्र शास्त्री जिस जगह कथा करते हैं, वहां उनके चमत्कारिक बालाजी भी विराजमान होते हैं खुद धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि बालाजी की कृपा से ही वे लोगों के बारे में जानकारी सार्वजनिक करते हैं। उन पर बालाजी की दिव्य कृपा है। चूंकि धीरेंद्र शास्त्री की तीन दिवसीय हनुमंत कथा 23 फरवरी से पुष्कर में होनी है, इसलिए चमत्कारिक बालाजी की प्रतिमा 21 फरवरी को ही पुष्कर पहुंच जाएगी। इस प्रतिमा को गौरीशंकर शर्मा के परिवार से जुड़े मंदिर में रखा जाएगा और 23 फरवरी को जब धीरेंद्र शास्त्री कथा स्थल पर पहुंचेंगे, तब बालाजी को भी स्थापित किया जाएगा।
कन्हैया मित्तल की भजन संध्या:
आयोजन से जुड़े अमित जैन ने बताया कि तीन दिवसीय हनुमंत कथा के बीच 24 फरवरी को कथा स्थल पर सुप्रसिद्ध गायक कन्हैया मित्तल की भजन संध्या भी होगी। इस भजन संध्या में धीरेंद्र शास्त्री भी मौजूद रहेंगे। कथा स्थल पर लोगों के बैठने की सुविधाजनक व्यवस्था की जा रही है। बागेश्वर धाम से आए अनुभवी लोगों के साथ सैकड़ों सनातनी योद्धा रात और दिन जुटे हुए हैं। धीरेंद्र शास्त्री की कथा के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 7665088888 पर अमित जैन से ली जा सकती है।

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