
*जिला कलक्ट्रेट परिसर में पौष्टिक भोजन किफायती दर पर उपलब्ध*
*महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहलः कलक्टर ने ‘राज रसोई’ का शुभारंभ किया
जनता का सच
स्टेट ब्युरो राधामोहन अग्रवाल
सवाई माधोपुर, 11 फरवरीमहिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में जिला कलक्ट्रेट परिसर में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) की महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा ‘राज रसोई’ संचालित की गई है। जिला कलक्टर काना राम ने बुधवार को इस कैन्टीन (रसोई) का शुभारंभ किया।
कलक्टर ने महिला समूहों को कैन्टीन संचालन के लिए बधाई देते हुए कहा कि राज रसोई महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक आजीविका प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि इस रसोई की संचालक महिलाएं गुणवत्ता, स्वच्छता और पारदर्शिता के साथ संचालन करते हुए इसे एक आदर्श के रूप में स्थापित करेंगी। उन्होंने बताया कि इस पहल से कलक्ट्रेट परिसर में अधिकारियों-कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं आमजन को स्वच्छ, पौष्टिक एवं किफायती दरों पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध हो सकेगा।
जिला परियोजना प्रबंधक ने कहा कि राज रसोई के जरिए आगंतुकों की पोषण सुरक्षा के साथ महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कैन्टीन की संचालन व्यवस्था, दर निर्धारण एवं स्वच्छता मानकों की जानकारी देते हुए इसे आजीविका संवर्धन का अनुकरणीय मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि राज रसोई के सदस्यों ने गुणवत्तापूर्ण सेवा एवं नियमित मॉनिटरिंग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। कुटुम्बश्री (केरल मॉडल) की राज्य प्रतिनिधि नीमा थॉमस ने भी महिला समूह आधारित इस मॉडल की सराहना करते हुए गुणवत्ता, वित्तीय अनुशासन एवं ग्राहक संतुष्टि पर विशेष बल दिया।
राज रसोई में चाय, कॉफी, बाजरा आधारित उत्पादों सहित किफायती दरों पर विभिन्न नाश्ता एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। सामान्य थाली तथा स्पेशल थाली में उपलब्ध रहेगी, जबकि पोहा, कचौरी, समोसा, इडली-सांभर, सैंडविच, पराठा, छाछ, लस्सी एवं जूस जैसी सामग्री भी उचित दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है। स्थानीय एवं मिलेट (बाजरा) आधारित खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी गई है, जिससे पोषण स्तर में सुधार के साथ स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कृषि विज्ञान केन्द्र, करमोदा के वैज्ञानिक डॉ. बी.एल. मीना ने बताया कि केन्द्र के तकनीकी मार्गदर्शन में तैयार बाजरा बिस्किट, बाजरा मठरी, बाजरा केक, अचार, शरबत, अमरूद जूस सहित विभिन्न पोषणयुक्त उत्पाद भी राज रसोई के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राज रसोई की स्वच्छता, गुणवत्ता एवं किफायती दरों की सराहना करते हुए इसे आमजन एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। यह पहल स्थानीय रोजगार सृजन और सेवा सुविधा के समन्वय के माध्यम से “आत्मनिर्भर महिला-सशक्त समाज” की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उद्घाटन कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक जगदीश प्रसाद मीणा, सहायक जनसम्पर्क अधिकारी सुरेन्द्र कुमार मीणा, जिला प्रबंधक कमल कुमार बैरवा, आईएफसी एंकर रूपेश शर्मा, एआरपी महेश शर्मा सहित राजीविका जिला इकाई के अधिकारी, स्वयं सहायता समूह की सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


