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यूपी के एक इंस्पेक्टर को थाने में महिला कांस्टेबल से नज़दीकियां बढ़ाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।


जिला संवाददाता अर्जुन सिंह जनता का सच संतकबीर नगर

यूपी के एक इंस्पेक्टर को थाने में महिला कांस्टेबल से नज़दीकियां बढ़ाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

5 दिसंबर को जालौन में कुठौंद थाने के SHO अरुण कुमार राय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस मामले में महिला कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा को रविवार 7 दिसंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इस मामले में मृतक की पत्नी माया राय ने साफ तौर पर कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है. माया राय ने डायल-112 में तैनात मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उनके पति की मौत में मीनाक्षी की भूमिका शक के दायरे में है…

बता दें कि बीते शुक्रवार की रात थाने में अचानक गोली चलने की आवाज गूंजी. तत्काल मौके पर पहुंचे सिपाहियों ने देखा कि अरुण कुमार राय खून से लथपथ अपने कमरे में पड़े हैं. उनके हाथ के पास उनकी ही सर्विस रिवाल्वर मिली. उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद ले जाया गया, जहां गंभीर हालत में डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई…

गोली चलने के बाद सीसीटीवी फुटेज में मीनाक्षी शर्मा कमरे से भागती हुई देखी गई. उसने चिल्लाकर कहा कि साहब ने गोली मार ली है और फिर फरार हो गई. पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी…

बताया जा रहा है कि हाल ही में मीनाक्षी ने तीन लाख रुपए का हार भी लिया था और उसकी फरवरी में शादी भी होने वाली थी. मीनाक्षी शर्मा का नाम इससे पहले पीलीभीत जिले में भी सुर्खियों में रह चुका है. 2019 में मीनाक्षी के खिलाफ कई मामलों की शिकायतें दर्ज हुई थीं. आरोप है कि मीनाक्षी ने वहां तैनात एक सिपाही और दरोगा को ब्लैकमेल किया था…

ताजा घटनाक्रम मार्च 2024 से शुरू होता है, जब 14 मार्च 2024 को महिला आरक्षी मीनाक्षी शर्मा की तैनाती कोंच कोतवाली में हुई थी. इसके कुछ माह बाद पांच जुलाई 2024 को अरुण कुमार राय को कोंच कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया. दोनों करीब सात महीने तक एक ही थाने में साथ तैनात रहे. इस दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई. साथी पुलिस कर्मियों के मुताबिक मीनाक्षी ने अरुण कुमार राय के कुछ वीडियो और चैट अपने पास रख ली थीं. आरोप है कि इससे वो लगातार SHO को लगातार परेशान कर रही थी…

22 फरवरी 2025 को अरुण का स्थानांतरण उरई कोतवाली कर दिया गया, जबकि मीनाक्षी को 28 अप्रैल 2025 को यूपी 112 यूनिट- 1577 में भेजा गया…

इसके बावजूद मीनाक्षी कोंच के सरकारी आवास में ही रहकर ड्यूटी करती रही. सूत्रों के अनुसार, अरुण के उरई जाने के बाद से मीनाक्षी का व्यवहार बदल गया. कई बार वो अरुण के सरकारी आवास पर विवाद और हंगामे की स्थिति पैदा कर चुकी थी. इससे अरुण को तनाव रहने लगा. करीबी सूत्रों का कहना है कि लगातार तनाव, विवाद और दबाव की स्थिति ने इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मानसिक स्थिति को काफी प्रभावित किया, जिसकी परिणति बाद में उनकी मौत तक पहुंच गई. पुलिस ने थाने में प्रभारी के आवास को सील कर दिया. एसपी ने पूरे मामले को लेकर तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है जो अपनी रिपोर्ट जल्द सौपेंगी…

अरुण कुमार राय की गोली लगने से हुई मौत के मामले में शुक्रवार रात से ही पुलिस उस पर पर्दा डालती रही. लेकिन जैसे ही मृतक की पत्नी माया अपने रिश्तेदार पूर्व एडीएम बलिया आरएस पांडेय के साथ पहुंची तो उन्होंने हत्या का आरोप लगाया. कहा कि उनके पति मानसिक रूप से बहुत मजबूत थे, वह कभी आत्महत्या नहीं कर सकते. आधा घंटे पहले ही तो उनकी फोन पर बात हुई थी…

महिला सिपाही व थाना प्रभारी के बीच मोबाइल में हुई बातचीत का रिकार्ड मिलने की बात भी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक घटना से कुछ समय पहले मोबाइल में मीनाक्षी की तरफ से कहा गया- “मुझे मेरी वर्दी दे दो, मुझे घर जाना है…”

अरुण कुमार राय की मौत की खबर ने परिवार को तोड़ कर रख दिया. उनकी मां प्रभावती बार-बार एक ही बात दोहरा रही थीं- “मुझे भी बाबू के पास पहुंचा दो, अब मेरे जीने का कोई मतलब नहीं है.” अरुण कुमार राय का एक बेटा अमृतांश है, वह कोटा में नीट की तैयारी कर रहा है…

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