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*देवदह स्तूप और पर्यटन परियोजनाओं का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, कार्यों में तेज़ी लाने के दिए निर्देश*

*देवदह स्तूप और पर्यटन परियोजनाओं का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, कार्यों में तेज़ी लाने के दिए निर्देश*

महराजगंज, 01 दिसंबर 2025 — जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने आज बनरसिया कला स्थित देवदह स्तूप एवं आसपास की पर्यटन परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने सबसे पहले देवदह स्तूप के उत्खनन कार्य का अवलोकन किया और क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी से प्रथम चरण में प्राप्त महत्वपूर्ण निष्कर्षों तथा प्रस्तावित दूसरे चरण के उत्खनन की जानकारी ली। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ने बताया कि राज्य पुरातत्व विभाग ने कुल 88 एकड़ भूमि को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया है। मुख्य स्तूप की खुदाई में शुंग, कुषाण और मौर्य कालीन अवशेष प्राप्त हुए हैं। प्रमुख पुरावशेषों में गुप्तकालीन मृदभांड के टुकड़े, मनके, ताम्र सिक्के एवं समुद्रगुप्त काल का दंडधारी प्रकार का स्वर्ण सिक्का विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

कुषाण कालीन अवशेषों में पक्की ईंटों की आवासीय संरचना, रिंगवेल, तांबे के सिक्के तथा विभिन्न प्रकार के मिट्टी के उपकरण प्राप्त हुए हैं। शुंग और मौर्य काल के अवशेष भी उत्खनन में मिले हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रथम चरण के निष्कर्ष उत्साहजनक रहे हैं, इसलिए दूसरा चरण जल्द शुरू किया जाएगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में चहारदीवारी, पाथवे निर्माण और उत्खनित संरचनाओं के संरक्षण कार्य प्रस्तावित हैं। दूसरे चरण से पूर्व लोक निर्माण विभाग द्वारा सर्वे किया जाना है, जिसके लिए जिलाधिकारी ने सहायक पर्यटक अधिकारी को अधिशासी अभियंता के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित विपश्यना केंद्र का निरीक्षण किया। सोलर सिस्टम खराब मिलने पर यूपीपीसीएल को तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए। केंद्र के संचालन की जानकारी लेने पर उपनिदेशक पर्यटन ने बताया कि इसे पुरातत्व विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है, लेकिन संचालन शुरू नहीं हो सका है। जिलाधिकारी ने केंद्र के संचालन एवं अनुरक्षण का प्रस्ताव जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही पूरी परियोजना को नेचुरोपैथी एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

जिलाधिकारी ने देवदह सरोवर विकास एवं सुंदरीकरण कार्यों की भी समीक्षा की और समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल आगमन–निकासी की समुचित व्यवस्था तथा सरोवर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही पूरी परियोजना को एकीकृत रूप से विकसित करने पर जोर देते हुए आवश्यकतानुसार भूमि क्रय का प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्देश दिया। परियोजना स्थल पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा की स्थापना हेतु राज्य ललित कला अकादमी को पत्र भेजने के भी निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम नौतनवा नवीन प्रसाद, उपनिदेशक पर्यटन गोरखपुर मंडल राजेंद्र प्रसाद, सहायक पर्यटक अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी कृष्ण मोहन दुबे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

*महराजगंज से जिला संवाददाता मोहम्मद अली की खास रिपोर्ट*

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