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कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित* *प्राकृतिक खेती, नवाचार और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर*


*कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित*
*प्राकृतिक खेती, नवाचार और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर*
*कृषि पर्यवेक्षक की निगरानी में होगा यूरिया वितरण : जिला कलक्टर
जनता का सच
स्टेट ब्युरो राधामोहन अग्रवाल
सवाई माधोपुर, 27 नवम्बर।कृषि, उद्यानिकी, आत्मा एवं पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति को लेकर गुरुवार को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिला कलक्टर ने कहा कि “किसानों की आय वृद्धि तथा कृषि में नवाचार बढ़ाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग परस्पर समन्वय के साथ इस दिशा में प्रभावी कार्य सुनिश्चित करें।”
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत फार्म पॉण्ड, पाइपलाइन, कृषि यंत्र, तारबंदी, जैविक उर्वरक, मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड, प्राकृतिक खेती, बीज वितरण, पीएमएफबीवाई समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति का विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने फार्म पॉण्ड एवं तारबंदी कार्यों में लक्ष्य के अनुरूप 150 प्रतिशत प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी करने एवं पूर्ण कार्यों का पोस्ट वेरिफिकेशन तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर आधारित किसानों की पहचान करने, प्रशिक्षण कैलेंडर जारी करने एवं प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर, कृषि सखी व क्षेत्रीय कृषि पर्यवेक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, किसानों को जागरूक करने के लिए कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) व कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) को राजीविका एवं सहकारिता विभाग के सहयोग से सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने बायो इनपुट संसाधन केंद्रों की स्थापना, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के तहत तेल निष्कर्षण इकाइयों हेतु एफपीओ प्रस्ताव तैयार करने, सॉयल टेस्टिंग मोबाइल लैब उपलब्ध कराने हेतु संबंधित कम्पनियों से पत्राचार करने, कृषि सखियों एवं पशु सखियों को हर माह प्रशिक्षण एवं बैठक के माध्यम से योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु निर्देशित किया गया।
बैठक में उद्यानिकी विभाग द्वारा पीएम कुसुम योजना के तहत पंजीकरण को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान एग्रो-प्रोसेसिंग एवं अमरूद महोत्सव के आयोजन हेतु कार्य योजना आपसी समन्वय से अनुसार युद्ध स्तर पर तैयारियां प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महोत्सव हेतु राज्य के महत्वपूर्ण कृषि महाविद्यालयों को आमंत्रित किया जाए।
*यूरिया के वितरण में गड़बड़ी करने, अन्य प्रदेशां में भेजने, स्टॉक छुपाने या अधिक दर लेने वालों के लाइसेंस होगे निलम्बित :-* जिला कलक्टर ने जिले में यूरिया सहित खाद की बिक्री में शिकायतों को गंभीर मानते हुए, गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में आगामी 15 दिवस के लिए खाद की मांग और आपूर्ति की स्थिति का स्पष्ट आकलन कर यूरिया के वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश संयुक्त निदेशक राकेश कुमार अटल को दिए। उन्होंने इस योजना तथा विभिन्न सहकारी समितियों सहित खाद वितरण केंद्रों पर यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी दुकान पर यूरिया की बिक्री कृषि पर्यवेक्षक की मौजूदगी में ही हो। उन्होंने कहा कि जिले में किसी भी बिक्री केंद्र पर यूरिया सूर्यास्त के बाद नहीं बिकेगा। प्रतिदिन शाम को कृषि पर्यवेक्षक खाद दुकाम में उपलब्ध स्टॉक का विवरण दर्ज करेंगे और अगली सुबह स्टॉक की स्थिति की जांच कर बिक्री शुरू करवाएंगे। साथ ही, खाद वितरण में अनियमितता की शिकायत पर विभागीय अधिकारी तत्काल जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रेषित करेंगे। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशां में भेजने, स्टॉक छुपाने या अधिक दर लेने वालों के लाइसेंस निलम्बित किए जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को पोस मशीन से आधारकार्ड के अनुसार यूरिया दिए जाएं, जिले में खाद की कमी नहीं है, अनावश्यक शॉर्ट नहीं रखा जाए।
बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) राकेश कुमार अटल, संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. राजीव गर्ग, उप निदेशक उद्यान लखपत लाल मीना, केवीके कृषि वैज्ञानिक डॉ. संतोष झाझरा, सहायक निदेशक उद्यान बृजेश कुमार मीना, कृषि अनुसंधान अधिकारी किशन लाल गुर्जर सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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