
जानकारी के अनुसार, हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि हैवतपुर गढ़िया गौशाला में मृत गायों की हड्डियों को इकट्ठा कर बिना लाइसेंस चल रहे चमड़ा गोदाम में बेचा जा रहा है। जब कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तो उन्होंने कुछ लोगों को प्लास्टिक की बोरियों में हड्डियां लेकर जाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने बताया कि वे यह हड्डियां फरियाब नामक व्यक्ति को बेचते हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल, कोतवाल राजीव पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गोदाम मालिक फरियाब समेत करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस पूछताछ में फरियाब ने बताया कि वह कबाड़ का व्यवसाय करता है और वर्ष 2014 में उसका चमड़ा व्यापार का लाइसेंस समाप्त हो गया था। इसके बावजूद वह बिना लाइसेंस के लोगों से हड्डियां और खाल खरीदकर व्यापार कर रहा था।


