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सहकारिता विभाग द्वारा प्रदेश के किसानों को कृषि निवेश योजनान्तर्गत उच्चकोटि के उर्वरक, बीज उपलब्ध कराने से फसलोत्पादन में हुई है बढ़ोत्तरी

सहकारिता विभाग द्वारा प्रदेश के किसानों को कृषि निवेश योजनान्तर्गत उच्चकोटि के उर्वरक, बीज उपलब्ध कराने से फसलोत्पादन में हुई है बढ़ोत्तरी

बहराइच 26 सितम्बर। किसानों की आय दोगुना करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार किसानों की हर आवश्यकता की पूर्ति कर रही है। सरकार कृषि यंत्रों, सिंचाई, खाद-बीज आदि की सुविधा उपलब्ध कराते हुए फसलोत्पादन में बढ़ोत्तरी करा रही है। सहकारी कृषि निवेश योजना प्रदेश सरकार की एक अत्यन्त महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को सदस्य बनाकर उनकी आवश्यकता के अनुरूप उच्चकोटि के कृषि-निवेश यथा उर्वरक, प्रमाणित बीज उपलब्ध कराये जाते हैं।

प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से वर्ष 2024-2025 में उर्वरक का कुल लक्ष्य 41.37 लाख मी.टन निर्धारित था, जिसके सापेक्ष 34.70 लाख मी0टन वितरण किया गया है, जो लक्ष्य का 83.87 प्रतिशत है। प्रमाणित बीज का कुल लक्ष्य 9062 कु. निर्धारित था, जिसके सापेक्ष 7870.3 कु. बीज उपलब्ध हुआ, उपलब्ध बीज शत प्रतिशत वितरण कर दिया गया। वर्ष 204-25 में नैनो उर्वरकों का कुल लक्ष्य 93.58 लाख बोतल था, जिसके सापेक्ष कुल उपलब्धता 49.79 लाख बोतल रही और 12.01 लाख बोतल का वितरण किया गया।

खरीफ अभियान वर्ष 2025-26 में 01 अप्रैल 2025 से 30 सितम्बर 2025 तक यूरिया का कुल लक्ष्य 09.62 लाख मी०टन एवं फास्फेटिक का कुल 5.08 लाख मी.टन निर्धारित है। 31 अगस्त 2025 तक कुल उपलब्धता यूरिया की 14.27 लाख मी.टन एवं फास्फेटिक की 6.69 लाख मी०टन है, जिसके सापेक्ष 11.60 लाख मी.टन यूरिया एवं 3.56 लाख मी.टन फास्फेटिक का वितरण किसानों के मध्य किया गया है। नैनो यूरिया का कुल लक्ष्य 29.40 लाख बोतल निर्धारित है, जिसके सापेक्ष 31 अगस्त 2025 तक उपलब्धता 16.74 लाख बोतल रही। 1.73 लाख बोतल का वितरण किया गया।

नैनो डीएपी का कुल लक्ष्य 15.50 लाख बोतल निर्धारित है, जिसके सापेक्ष 31 अगस्त, 2025 तक उपलब्धता 07.34 लाख बोतल रही। 0.90 लाख बोतल का वितरण किया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रासायनिक उर्वरकों के पूर्व भण्डारण योजना के अन्तर्गत आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि रू. 170.00 करोड़ के सापेक्ष 31 मार्च 2025 तक रू. 114.68 करोड़ की धनराशि की वित्तीय स्वीकृतियाँ शासन द्वारा निर्गत की गई है, जिसका भुगतान सम्बन्धित संस्था/समितियों को कर दिया गया है। फसलोत्पादन में किसी प्रकार की समस्या न आये, किसानों को आवश्यक उर्वरक की व्यवस्था सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। उर्वरक वितरण किसानों को किया जा रहा है। सहकारिता विभाग द्वारा प्रदेश के किसानों को कृषि निवेश योजनान्तर्गत उच्चकोटि के उर्वरक, बीज उपलब्ध कराने से फसलोत्पादन में बढ़ोत्तरी हो रही है।

 

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