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गोमती के किनारे मोहल्ला और झंझटों में फसे लोग जौनपुर गोमती के किनारे बलुआ घाट बरसात आई ही बलुआ घाट की गलियां झरनों में तब्दील हो गई


गोमती के किनारे मोहल्ला और झंझटों में फसे लोग
जौनपुर गोमती के किनारे बलुआ घाट बरसात आई ही बलुआ घाट की गलियां झरनों में तब्दील हो गई है क्योंकि नदी की ओर ढलान के कारण बारिश का गंदा पानी घरों में भाकर आ रहा है कई बार तो दरवाजे के अंदर तक घुस जाता है गलियों में इकट्ठा कूड़ा वारिस के दौरान पानी में बहते हुए बस्तियों में सबके घरों के सामने सीधे गोमती नदी में चला जाता है नदी गंदी होती जा रही है साफ सफाई अब्दुल क्योंकि साफ सफाई व्यवस्था मजाक बन गया बदबू घरों तक आती है सांस लेना दुबर हो गया है नदी के तट पर दुर्गंध आती है हवा की दिशा अगर बस्ती की ओर हो तो दुर्गंध से बस्ती वासियों को नाक सिकुड़ने लगता हैं ठेकेदारों की मनमानी से जो सड़के बनी है उसमें गुणवत्ता की कमी है लेकिन ठेकेदार ने सस्ती सामग्री से काम किया परिणाम स्वरूप सड़के ठीक नहीं पाई लेकिन सबसे बड़ा दुख कब होता है जब गालियां भी सकरी हो गई है गलियों से घर पर भारी सामान ले जाते समय सिर का भोज निगाहों की बानगी से अगर चूक गई तो ठोकर खाकर बस्सी के कोई भी व्यक्ति जाकर गिर सकता है बारिश में जगह-जगह बड़े-बड़े हॉल हो गए हैं

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