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जालसाजी से 14 15 करोड रुपए का बैंक का और विद्युत जैन जी का अस्पताल के नाम पर लूट की


सेवा में,
श्रीमान् थानाध्यक्ष महोदय, थाना-इन्दिरानगर,लखनऊ
विषयः- प्रार्थना-पत्र वास्ते प्रार्थी के साथ हुए छल एवं धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही करने के सम्बन्ध में
महोदय,
प्रार्थी विद्युत कुमार जैन पुत्र एस०एस० जैन निवासी-26/3 श्री सौरभ सागर कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-23/6, कुन्दन भवन, प्रकाश लोक कॉलोनी, आम्रपाली, इन्दिरानगर, लखनऊ-226016 का निवेदन है कि प्रार्थी भवन (बिल्डिंग) स्थित-प्लॉट संख्या-2B& 3, इन्दिरा कॉम्प्लेक्स , रिंग रोड, लखनऊ-226022 का मालिक है। प्रार्थी व मेसर्स श्री राम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० के निदेशक डॉ० सिद्धार्थ मिश्रा पुत्र श्री विश्वमोहन मिश्रा निवासी-307ए, ताजी खाना खत्री टोला, मसकगंज, चौक, लखनऊ एवं निदेशक आर्यन गुप्ता पुत्र देवेन्द्र गुप्ता निवासी-एफ-135, इन्द्रालोक, कानपुर रोड, लखनऊ के मध्य दिनांक-20.12.2022 को मेमोरेण्डम ऑफ एसोशिएशन निष्पादित हुआ था, जिसके अनुसार डॉ० सिद्धार्थ मिश्रा एवं आर्यन गुप्ता प्रार्थी की बिल्डिगं में हॉस्पिटल का संचालन करेंगे, तथा लाभ में प्रार्थी 36% , डॉ० सिद्धार्थ मिश्रा 48% के तथा 16% के आर्यन गुप्ता हिस्सेदार थे एवं कम्पनी के सी०ई०ओ० देवेन्द्र गुप्ता थे।
यह कि हॉस्पिटल के संचालन के लिए प्रार्थी ने अपने एकाउंट से श्री राम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० के यूनियन बैंक के चालू खाता में रु० 1,30,00,000/- दिये थे तथा श्री राम जानकारी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० द्वारा मेडिटीम इण्डिया प्राइवेट लिमि० नाम की कम्पनी से मेडिकल उपकरण खरीदने हेतु रु० 1,50,00,000/- (डेढ़ करोड़ रुपया ) भेजे गये थे।
यह कि श्री राम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० के पास कोई भी प्रापर्टी न होने के कारण बैंक द्वारा ऋण नहीं दिया जा रहा था जिस कारण प्रार्थी ने अपनी पत्नी की प्रापर्टी स्थित-प्लॉट संख्या-1 व 2, गाटा संख्या-334 का भाग, ग्राम व मोहल्ला-शाहजनी, कस्बा, परगना व तहसील-महमूदाबाद, जिला-सीतापुर रकबा 2755 वर्ग मीटर को इण्डिय बैंक में बन्धक रखी गयी थी तथा प्रार्थी व श्री राम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० के मध्य अनुबन्ध-पत्र निष्पादित हुआ था , जिसमें राम जानकी हेल्थ केयर द्वारा प्रार्थी को रु० 10,00,000/- प्रतिमाह देने को कहा गया था, तब जाकर श्री राम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० के पक्ष में इंडियन बैंक द्वारा , शाखा-हजरतगंज, लखनऊ द्वारा रु० 10,15,00,000/- (दस करोड़ पन्द्र लाख रुपया) का ऋण स्वीकृत किया गया था।
यह कि प्रार्थी को दिनांक-10.05.2024 को श्रीराम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० के कार्य को देखते हुए संदेह हुआ तो प्रार्थी ने दिनांक-24.06.2024 को एक अनुबन्ध-पत्र तैयार किया जिसके प्रस्तर-2 में प्रार्थी द्वारा स्पष्ट रूप से यह लिखा गया कि श्री राम जानकी द्वारा जो कार्य किया जा रहा है, उसके एवज में कोई भी दस्तावेज अभी तक नही प्राप्त हुए है, इसलिये प्रार्थी उक्त कम्पनी में किसी भी प्रकार की कोई हिस्सेदारी नहीं रखना चाहता है परन्तु इंडियन बैंक के उच्च अधिकारियों द्वारा यह कहा गया कि आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है , समय के अनुसार सभी चीजें ठीक हो जायेंगी। इस आश्वासन पर प्रार्थी उपरोक्त फर्म में डायरेक्टर के रूप में कार्य करता रहा।
यह कि इण्डियन बैंक के उच्चाधिकारियों से मिली भगत कर विपक्षीगणों ने कोटेशन चेंज करवा दिया तथा मेडिकेयर सल्यूशन स्थित-पीर नगर, पत्र कलां, सीतापुर , उत्तर प्रदेश नामक फर्जी कम्पनी स्थापित की गयी , जोकि डॉ० सिद्धार्थ मिश्रा के कम्पाउंडर अजीत यादव के नाम पर थी, का कोटेशन लगवा दिया गया तथा मेडिटीम इण्डिया प्राइवेट लिमि० के खाते में प्रार्थी से पैसा लेकर श्री राम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० के चालू खाते से जो रु० 1,50,00,000/- दिनांक-10.03.2023 को भेजे गये थे वह भी पैसा विपक्षीगणों ने उक्त मेडिकेयर सल्यूशन के एकाउंट में डलवा दिये तथा बाद में उसका भी उपयोग विपक्षीगणों ने स्वयं के लिए कर लिया ।
यह कि प्रार्थी को दिनांक-15.11.2024 को उपरोक्त प्रकरण की जानकारी हुई , तब प्रार्थी ने समस्त दस्तावेज इकट्ठा किये तथा दिनांक-26.11.2024 को जोनल मैनेजर, इण्डियन बैंक ,शाखा-हजरतगंज, लखनऊ से जाकर व्यक्तिगत रूप से मिला है एवं उन्हे उपरोक्त प्रकरण से अवगत कराया परन्तु विपक्षीगणों से बैंक के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत होने के कारण प्रार्थी के दिखाये गये समस्त दस्तावेजों पर कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की गयी तथा प्रार्थी ने मौखिक रूप से बैंक को यह भी सूचित किया था कि प्रार्थी उपरोक्त प्रकरण के कारण उपरोक्त फर्म श्री राम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० में निदेशक के पद से इस्तीफा दे रहा है।
यह कि उपरोक्त प्रकरण को देखते हुए प्रार्थी द्वारा दिनांक-02.12.2024 को कम्पनी के निदेशक के पद से इस्तीफा देकर अपने समस्त दायित्वों से मुक्त हो गया, इस सम्बन्ध में इण्डियन बैंक द्वारा दिनांक-13.12.2024 को ई-मेल प्रार्थी को किया गया जिस पर बैंक द्वारा यह कहा गया कि MCA की साइट पर आपका नाम निदेशक के रूप में नहीं दिखा रहा है तो प्रार्थी ने दिनांक-15.12.2024 को ई-मेल द्वारा बैंक को यह सूचित किया कि प्रार्थी ने पूर्व में मौखिक रूप से यह सूचित कर चुका है कि वह उपरोक्त प्रकरण के कारण उपरोक्त फर्म में निदेशक के पद पर कार्य नहीं करना चाहता है।
यह कि प्रार्थी ने दिनांक-19.12.2024 को श्री राम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० को पत्र के माध्यम से यह सूचित किया कि प्रार्थी ने आपकी फर्म से दिनांक-02.12.2024 को निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया है तथा प्रार्थी की पत्नी की जमींन जो आप द्वारा बन्धक रखी गई है, उसको शीघ्र अतिशीघ्र छुड़वाकर प्रार्थी दे दे तथा उपरोक्त प्रकरण के सम्बन्ध में बैंक को भी सूचित कर दे कि प्रार्थी आपकी फर्म में दिनांक-02.12.2024 से किसी भी प्रकार का कोई पदधारक नहीं है तथा कम्पनी से किसी प्रकार का कोई लेना-देना नहीं है तथा उसके पश्चात् इण्डियन बैंक के उच्चाधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया एवं बताया गया कि आप कोई भी उचित कार्यवाही न करें इसमें आपका बहुत नुकसान हो जायेगा जिस डर की वजह से प्रार्थी ने बैंक के उच्चाधिकारियों की बात मानकर विपक्षीगणों के विरूद्ध कोई भी उचित कानूनी कार्वयाही नहीं की गयी तथा प्रार्थी ने लीज मय बिजनस एग्रीमेन्ट किया जिसमें विपक्षीगणों ने 3 वर्ष के अन्दर जो भी भुगतान प्रार्थी का बाकी था, देने की बात कही गयी तथा प्रार्थी एवं मेसर्स श्री राम जानकी हेल्थ केयर प्राइवेट लिमि० के निदेशक डॉ० सिद्धार्थ मिश्रा एव देवेन्द्र गुप्ता के मध्य दिनांक-25.01.2025 को पंजीकृत लीज डीड निष्पादित हुई , जिसके अनुसार प्रार्थी के उपरोक्त भवन को हॉस्पिटल के संचालन हेतु 09 वर्ष के लिए किराये पर लिया गया था। अनुबन्ध-पत्र के प्रस्तर-1.3 के अनुसार किरायेदार उक्त भवन पर 3 महीने के अन्दर हॉस्पिटल का सेटअप करेंगे एवं नक्शा स्वीकृत करायेंगे परन्तु विपक्षीगण द्वारा बिना नक्शा स्वीकृत कराये ह़ॉस्पिटल का निर्माण कराये जाने लगा , जिस कारण प्रार्थी का उपरोक्त भवन सीज कर दिया गया है।
यह कि इसके अतिरिक्त विपक्षीगण द्वारा इंडियन बैंक से ऋण लिया गया था, उसकी अदायगी भी विपक्षीगण द्वारा नहीं की गयी ,इस कारण बैंक द्वारा उपरोक्त ऋण खाता एन०पी०ए० करते हुए दिनांक-03.05.2025 को प्रार्थी को धारा 13(2) SARFAESI Act. के तहत नोटिस जारी कर दी गयी थी ।
यह कि विपक्षीगणों द्वारा न तो कोई भुगतान इण्डियन बैंक को किया गया और न ही प्रार्थी को किया गया तथा प्रार्थी से विपक्षीगण एवं बैंक के उच्चाधिकारियों द्वारा धोखाधड़ी कर प्रार्थी की बन्धक सम्पत्ति एवं प्रार्थी द्वारा दिये गये पैसे हड़प कर लिया गया, जिससे प्रार्थी का आर्थिक , शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया गया है तथा प्रार्थी द्वारा अपने किराये की मांग करने लगा इस पर विपक्षीगण डॉ० सिद्धार्थ मिश्रा, देवेन्द्र गुप्ता एवं आर्यन गुप्ता नाराज हो गये तथा प्रार्थी के साथ गाली-गलौज करते हुए कहने लगे कि तुम्हारा एक भी पैसा वापस नहीं करेगें जो करना हो कर लो तथा प्रार्थी को जान से मारने की धमकियां देते हुए प्रार्थी से हाथा पाइ पर उतारू हो गये , जिस कारण प्रार्थी वहा से चला आया।
यह कि विपक्षीगण द्वारा मिलकर प्रार्थी के साथ विश्वासघात करके प्रार्थी के विरूद्ध षडयंत्र रचकर प्रार्थी को करोड़ो का ऋणी बना दिया तथा लाखों रूपयो की आर्थिक क्षति पहुँचाई गयी तथा विधि-विरूद्ध निर्माण करके प्रार्थी का भवन भी सीज करा दिया एवं वर्तमान में गाली-गलौज व जान से मारने की धमकिया देते है , इससे प्रार्थी बहुत भयभीत है एवं प्रार्थी को आर्थिक व मानसिक परेशानी हो रही है, इस कारण विपक्षीगणों द्वारा प्रार्थी के साथ किये गये छल एवं धोखाधड़ी के लिए विपक्षीगण के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही किया जाना अति-आवश्यक है।
अतः श्रीमान् जी से प्रार्थना है कि उपरोक्त कारण एवं परिस्थितियों के आधार पर विपक्षी डॉ० सिद्धार्थ मिश्रा, देवेन्द्र गुप्ता एवं आर्यन गुप्ता के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक दण्डात्मक कार्यवाही करने की कृपा करें।
लखनऊ
दिनांकः- प्रार्थी

(विद्युत कुमार जैन) पुत्र एस०एस० जैन निवासी-26/3 श्री सौरभ सागर कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-23/6, कुन्दन भवन, प्रकाश लोक कॉलोनी, आम्रपाली, इन्दिरानगर, लखनऊ-226016 मो०नं०-

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