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जब जागे युवा, तब जागा प्रशासन: बुढ़वा सचिवालय की बदहाली पर उठी आवाज ने दिलाया सुधार* *बुढ़वा*


*जब जागे युवा, तब जागा प्रशासन: बुढ़वा सचिवालय की बदहाली पर उठी आवाज ने दिलाया सुधार*
*बुढ़वा*
ग्राम पंचायत बुढ़वा में लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़े पंचायत सचिवालय को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी आखिरकार रंग लाई। जब गांव के युवाओं ने मिलकर आवाज बुलंद की, तो प्रशासन भी हरकत में आ गया। यह संभव हो पाया युवा विकास संगठन की पहल और मीडिया की सशक्त भूमिका से, जिसने जनता की चिंता को प्राथमिकता पर लाकर जिम्मेदारों को जवाबदेह बनाया।
ग्रामीणों की पीड़ा, युवाओं का आक्रोश
ग्राम पंचायत बुढ़वा का सचिवालय वर्षों से जर्जर हालत में पड़ा था। टूटे दरवाज़े, गिरी हुई छतें और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव — ये सब पंचायत कार्यों को बाधित कर रहे थे। इस मुद्दे पर पहले भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस उपेक्षा से आक्रोशित होकर युवा विकास संगठन के अध्यक्ष वैभव अवस्थी, समाजसेवी विराट शुक्ला, आर्यन पाण्डेय, विकास सचान सहित अनेक स्थानीय युवाओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पंचायत सचिवालय के बाहर नारेबाज़ी करते हुए संबंधित अधिकारियों से सचिवालय की हालत पर तत्काल ध्यान देने की मांग की
खबर का असर, प्रशासन की फुर्ती
इंडिपेंडेंट इंडिया न्यूज़ नेटवर्क द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासनिक अमले की नींद टूटी। ग्राम प्रधान सनोज चक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुधार कार्य शुरू करवाया। कुछ ही दिनों में सचिवालय में मरम्मत, रंगाई-पुताई, बिजली व्यवस्था और साफ-सफाई जैसे कार्य कराए गए। अब यह भवन एक बार फिर पंचायत बैठकों और ग्रामीण कार्यों के लिए उपयोग योग्य बन चुका है।
युवाओं ने जताया आभार, तय किया अगला लक्ष्य
इस सफल पहल पर युवा विकास संगठन के अध्यक्ष वैभव अवस्थी ने ग्राम प्रधान का आभार जताया और कहा:
यह सिर्फ एक भवन की मरम्मत नहीं, बल्कि जनभागीदारी की जीत है। जब लोग एकजुट होते हैं, तो व्यवस्था को जवाब देना ही पड़ता है। अब हमारा अगला उद्देश्य है – ग्राम पंचायत बुढ़वाके अधूरे खेल मैदान का पूर्ण विकास।”
उन्होंने सभी समाजसेवी साथियों और ग्रामीणों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह सक्रिय रहने का आह्वान किया।

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