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ऑफलाइन ट्रांसफर को लेकर माध्यमिक शिक्षकों में उहापोह – 2000 से अधिक फॉरवर्ड होकर पहुंचे हैं फॉर्म – स्कूल-स्कूल पहुंचेगी ट्रांसफर की सूचनाएं!


ऑफलाइन ट्रांसफर को लेकर माध्यमिक शिक्षकों में उहापोह

– 2000 से अधिक फॉरवर्ड होकर पहुंचे हैं फॉर्म
– स्कूल-स्कूल पहुंचेगी ट्रांसफर की सूचनाएं!

लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडेड कॉलेज के हजारों शिक्षक आजकल परेशान हैं, उनकी परेशानी की वजह ऑफलाइन ट्रांसफर को लेकर है। बताया जाता है कि पूरे प्रदेश से करीब 2,000 फॉर्म जिलों के डीआईओएस और ज्वाइंट डायरेक्टर से फॉरवर्ड होकर प्रयागराज स्थित निदेशक कार्यालय पहुंचे हैं। अकेले लखनऊ जनपद से ही 50 के करीब फाइल फॉरवर्ड होकर विभाग पहुंची है। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश सरकार की स्पष्ट नीति के चलते ऑनलाइन स्थानांतरण की ही सूची जारी होनी थी, जिसके लिए करीब डेढ़ हजार से अधिक फॉर्म पहुंचे थे, उनमें से करीब 300 ट्रांसफर की सूची आ गई है। अब उन 300 ट्रांसफर की जॉइनिंग को लेकर उठा-पटक और गुणा-गणित शुरू हो गयी है, लेकिन इन सबसे ज्यादा परेशानी ऑफलाइन ट्रांसफर को लेकर है। एक तरफ जहां शासन के आला अधिकारी ऑफलाइन ट्रांसफर को रोकने की कवायद में लगे थे लेकिन वहीं दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी ऑफलाइन ट्रांसफर को लेकर पूरे एक वर्ष से फॉर्म फॉरवर्ड कराके विभाग के प्रयागराज स्थित कार्यालय मंगवा रहे थे। ऐसे में यह भी स्पष्ट है कि ऑफलाइन ट्रांसफर होंगे लेकिन जुलाई माह में आठ दिन बीत चुके हैं अभी तक ऑफलाइन ट्रांसफर की सूची सामने नहीं आ पाई है। कई सारे शिक्षक संगठनों का सीधा और स्पष्ट आरोप है कि ऑफलाइन ट्रांसफर में दोनों कॉलेज के मैनेजर और दोनों जनपदों (यानी तैनाती स्थल और जिस जनपद में उसे जाना है) के डीआईओएस कार्यालय और ज्वाइंट डायरेक्टर कार्यालय में लाखों रुपए खर्च करने के बाद फाइल फॉरवर्ड हुई है। ऐसे में इन हजारों शिक्षकों का फिक्रमंद होना लाजमी है। वह सुबह से लेकर शाम तक अपने जनपद कार्यालय और प्रयागराज से लेकर लखनऊ स्थित कैंप कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। बताने वाले बता रहे हैं कि सारे ऑफलाइन ट्रांसफर हो चुके हैं, वह तैनाती स्थल के कार्यालय में धीरे-धीरे यानि अगले सप्ताह से पहुंचना शुरू होंगे।

स्कूल का पता नहीं फिर भी हो गया ऑनलाइन ट्रांसफर
लखनऊ। प्रदेश की राजधानी और हजरतगंज जैसे प्रमुख इलाके में जिस स्कूल की बिल्डिंग नहीं है, उसमें भी ट्रांसफर धड़ाधड़ लिए जा रहे हैं। हजरतगंज के जिस बिशुन नारायण इंटर कॉलेज की बिल्डिंग करीब 1 साल पहले ही जमीनदोज की जा चुकी है और बच्चे और टीचर कहीं भी स्थानांतरित नहीं हुए हैं सिर्फ कागजों पर उनकी पढ़ाई और लिखाई चल रही है, ऐसे स्कूल में भी ऑनलाइन ट्रांसफर हो गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि विभागीय अधिकारी जो चाहेंगे वह होगा, क्योंकि इस स्कूल में ट्रांसफर लेने के लिए दोनों स्कूल मैनेजर और जिला विद्यालय निरीक्षक और ज्वाइंट डायरेक्टर कार्यालय की ओर से सहमति मिलने के बाद ही जॉइनिंग हुई होगी।

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