रातों-रात मिट्टी खनन का धंधा जोरों पर, प्रशासन बना मौन दर्शक है खनन माफियाओं का आतंक, पत्रकारों के फोन नहीं उठा रहे अधिकारी
केसरगंज (बहराइच)। रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ रामेश्वर सिंह भदौरिया
तहसील कैसरगंज क्षेत्र के अंतर्गत अवैध मिट्टी खनन का कार्य दिन-ब-दिन तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। खनन माफिया बेखौफ होकर रातों-रात कृषि योग्य भूमि को खोदकर मिट्टी निकाल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस अवैध गतिविधि की सूचना देने के लिए जब पत्रकारों ने प्रशासनिक अधिकारियों को संपर्क करने की कोशिश की, तो किसी ने भी फोन उठाने की ज़हमत नहीं उठाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 30 मई 2025 की रात से लेकर 1 जून 2025 तक, माहुरी कला एवं सोनारी चौराहा क्षेत्र के आस-पास लगातार ट्रैक्टर-ट्रालियों और जेसीबी मशीनों के माध्यम से मिट्टी खनन किया गया। स्थानीय पत्रकारों ने जब इस मामले को रोकने के लिए उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं खनन अधिकारी को फोन किया, तो किसी भी अधिकारी ने जवाब नहीं दिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है, तभी तो खुलेआम ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें रात के अंधेरे में मिट्टी ढोने का काम करती हैं और कोई प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं होता। लगातार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
प्रशासनिक लापरवाही के कारण न केवल सरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ रही हैं, बल्कि कृषि योग्य ज़मीनें भी बर्बाद हो रही हैं। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस समाचार के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और खनन माफियाओं के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं


