
*”सीतापुर में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टरों से सियासी बवाल, सांसद आनंद भदौरिया खुद खंभे पर चढ़े, SP से की कार्रवाई की मांग
*डॉक्टर के सी जी कात्यायन पचौरी*
सीतापुर में सोमवार को उस वक्त सियासी माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। शहर की सीमा के बाहर कई जगह अज्ञात लोगों ने आपत्तिजनक पोस्टर और बैनर लगा दिए, जिनमें समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर निशाना साधा गया था।
पोस्टरों की सूचना मिलते ही सपा कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई। धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया खुद मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए क्रेन की मदद से ऊंचे खंभे पर चढ़कर पोस्टर फाड़ दिए। उनके साथ छात्रसभा जिलाध्यक्ष शिवम सिंह और बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं ने भी अलग-अलग स्थानों से पोस्टर हटाए।
पोस्टरों पर “लाल टोपी, साइकिल निशान, यादववाद इनकी पहचान” जैसे नारे लिखे गए थे। सपा नेताओं का आरोप है कि यह पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि खराब करने की सुनियोजित साजिश है।
घटना के बाद सांसद आनंद भदौरिया ने पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, पोस्टर लगाने वालों की पहचान और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आखिर इन पोस्टरों के पीछे कौन लोग हैं और प्रशासन उनके खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।


