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*बाढ से निपटने को किया गया अभ्यास, बचाव की दी गयी जानकारी*


कमलेश ओझा ब्यूरो चीफ बलिया

*बाढ से निपटने को किया गया अभ्यास, बचाव की दी गयी जानकारी*

बलियाः नदियों में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अभी से अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अनिल कुमार के निर्देशन में गुरूवार को गंगा नदी के तहसील सदर उजियार घाट , तहसील बैरिया के दूबे छपरा, तहसील बांसडीह के कोलकला, तहसील सिकंदरपुर के कठौड़ा, तहसील बेल्थरा रोड के तुर्तीपार में बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के मॉक ड्रिल (मूक अभ्यास) किया। इसमें बाढ से दौरान किसी के डूबने पर बचाव कार्य तथा पानी से घिरे गांवों से लोगों को निकालने, राहत शिवर बनाने, फील्ड हॉस्पिटल का निर्माण करने, नाव दुर्घटना एवं डूबे लोगों के खोज एवं बचाव का अभ्यास किया गया। इसके अलावा वहां आयोजित गोष्ठी में बाढ़ प्रभावित इलाकों में दवा वितरण या कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने से लेकर लोगों के स्वास्थ्य व पशुओं का भी ख्याल रखने के तरीकों के बारे में बताया गया। मॉक ड्रिल में सुबह 09:00 बजे इमरजेंसी आपरेशन सेंटर (ईओसी) को उजियार में गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने व गांव के मैरूण्ड (चारों तरफ से पानी से घिरा होना) की सूचना मिलती है। इस पर तत्काल वायरलेस से कन्ट्रोल रूम को सूचित किया गया। जनपद के कंट्रोल रूम द्वारा जनपद स्तरीय एवं तहसील स्तरीय समस्त अधिकारी को अवगत कराया गया। मॉक ड्रिल के दौरान रेडक्रॉस एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने उपस्थित लोगों को सीपीआर प्रशिक्षण के साथ मॉक ड्रिल में डूबते व्यक्ति को कैसे बचाया जाए, इसका भी अभ्यास कर लोगों को दिखाया गया। बाढ़ में डूबे लोगों को सुरक्षित निकाल कर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया गया। इस अभ्यास में आपदा मित्र धर्मेंद्र कुमार ने नदी के बीच लगभग आधे घंटे तक सोये रहने का करतब दिखाया, जिसकी सराहना वहाँ मौजूद हर किसी ने की। कार्यक्रम के अंत में गोष्ठी की गई जिसमें सभी सहयोगी विभागों की बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा भी की गई, जिसमें सभी विभागाध्यक्षों ने अपनी तैयारियों से अवगत कराया तथा अपने अपने विचार रखे। मॉक एक्सरसाइज को आपदा विशेषज्ञ पीयूष कुमार सिंह द्वारा सकुशल सम्पन्न कराने में सहयोग किया गया। रेड क्रॉस सोसायटी बलिया से शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अपने विचार रखे और सुझाव दिया की लोकल लेवल पर लोगों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया जाय जिससे तत्काल डूब रहे व्यक्ति का रेस्क्यू किया जा सके, पशुपालन विभाग, नागरिक सुरक्षा, कृषि विभाग , पुलिस प्रशासन, होमगार्ड विभाग, अग्निशमन विभाग, पंचायत विभाग, बाढ़ विभाग,लोक निर्माण विभाग, एन सी सी , स्काउट गाइड के अधिकारीयों ने भी अपने विचार साझा किए। यह मॉक ड्रिल (मूक अभ्यास) जनपद के सभी तहसीलों में किया गया है। तहसील स्तर पर जनपद के सभी तहसीलों में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा तहसील स्तर के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस दौरान आपदा विभाग से सुनील कुमार, अभिषेक कुमार, अतुल, नागेंद्र नारायण, सिद्धार्थ शंकर पाण्डेय रेड क्रॉस सोसायटी से नितेश पाठक , आशुतोष राय, डॉ पंकज ओझा, राधा पर्वत , चन्द्रशेन नायक, राहुल कुमार, फैयाज अहमद, संगम, आशा यादव, अखिलेश यादव, धर्मेंद्र कुमार, डॉ फैसल, के अलावा भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे। जिला नियंत्रण कक्ष में पुलिस विभाग से मिथलेश कुमार, उपेंद्र यादव आपदा विभाग से हसन रहा उपस्थित रहे जहां से सभी मॉक एक्सरसाइज पर कड़ी नजर रखी गई। जिला द्वारा आयोजित मॉक एक्सरसाइज किए गए नवाचारों की प्रशंसा उतर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा की गई।

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