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ललित कुमार एडवोकेट
अंकित मालवीया
आरपी सिंह
दीपक अग्रवाल
रेलवे स्टेशन की नई इमारत में दरारें मामले पर उठी जांच की मांग
– गुणवत्ता को लेकर लोगों में बढ़ा आक्रोश
– चर्चा का विषय बना स्टेशन निर्माण में धांधली का मुद्दा
कोसीकला। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन की नई इमारत में उद्घाटन से पहले ही दरारें दिखाई देने के बाद नगर में नई बहस छिड़ गई है। स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और व्यापारी संगठनों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है तो करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने रेलवे के उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
नगर के व्यापारी नेता ललित कुमार एडवोकेट ने कहा कि हैरानी की बात है कि प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में भी कथित रूप से धांधली की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य व्यक्ति सीमित संसाधनों में घर बनाता है तो उसमें वर्षों तक दरारें नहीं आतीं, जबकि रेलवे स्टेशन जैसी तकनीकी रूप से उन्नत और गुणवत्ता युक्त बताई जा रही इमारत में उद्घाटन से पहले ही दरारें दिखाई देना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि यात्रियों की सुरक्षा और सरकारी धन के साथ खिलवाड़ कैसे हुआ।
वहीं रेलवे निगरानी समिति के पूर्व सदस्य अंकित मालवीय ने बताया कि वह करीब एक वर्ष तक समिति के सदस्य रहे और इस दौरान उन्होंने गुणवत्ता को लेकर कई बार सुझाव दिए तथा कई कमियों को दूर भी कराया था। उन्होंने कहा कि अब नई इमारत में जगह-जगह दरारें आने की जानकारी सामने आ रही है। मौके पर निरीक्षण के दौरान दरारों को छिपाने का प्रयास भी दिखाई दिया, लेकिन दीवारों और बरामदे की छत में दरारें स्पष्ट रूप से नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि दीवारों की दरारों को भले नजरअंदाज किया जा सकता है, लेकिन छत में आई दरारें गंभीर चिंता का विषय हैं और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाना चाहिए।
जिला पंचायत सदस्य आरपी सिंह ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वह भी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
यात्री संगठन के पदाधिकारी दीपक अग्रवाल ने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और समय-समय पर इस संबंध में समाचार प्रकाशित होते रहे हैं। अब लोग स्वयं अपनी आंखों से इमारत में दरारें देख सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो कमियां आम नागरिकों को दिखाई दे रही हैं, वे रेलवे अधिकारियों को क्यों नजर नहीं आईं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था और उसी अनुरूप बजट भी स्वीकृत किया गया, फिर निर्माण कार्य में लापरवाही क्यों बरती गई। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं हुई तो यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। लोगों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


