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मांट विधानसभा के किसानों ने उठाए गंभीर आरोप, विधायक राजेश चौधरी की कार्यशैली, खनन और पंचायत कार्यों की जांच की मांग
ब्यूरो आलोक तिवारी
मथुरा संसदीय क्षेत्र के मांट विधानसभा के मानगढ़ी सहित कई गांव के किसानों ने विधायक राजेश चौधरी की कार्यशैली, क्षेत्र में खनन गतिविधियों ,ग्राम पंचायत विकास कार्यों तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव जमाने के उद्देश्य से विधायक राजेश चौधरी द्वारा अक्सर यह कहते हुए सुना जाता है कि मुख्यमंत्री जी मेरे घर आए थे और मेरी उनसे बात हो गई है आप यह काम कर दीजिए और अधिकारियों को अपने दबाव में ले लेते हैं,ऐसी चर्चाएँ हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायतों में अब तक हुए कुछ विकास कार्यों और ठेकों की यदि विस्तृत जांच कराई जाए, तो करोड़ों रूपयों की अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उनका कहना है कि कई कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं हुआ, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता निम्न स्तर की रही, तथा सड़क और अन्य विकास कार्यों में मानक सामग्री के स्थान पर घटिया सामग्री उपयोग किए जाने की आशंका है। किसानों ने यह भी मांग की कि संबंधित अधिकारियों तथा पूर्व डीपीआरओ किरण चौधरी की भूमिका की भी जांच की जाए, ताकि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो तथ्य सामने आ सकें।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के सबसे भ्रष्टतम विधायकों में से एक विधायक राजेश चौधरी द्वारा चुनाव के समय घोषित संपत्ति और वर्तमान परिसंपत्तियों की तुलना कर संपत्ति वृद्धि के स्रोतों की जांच ईडी से कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि सब कुछ वैध है तो जांच से स्थिति साफ हो जाएगी, और यदि अनियमितता है तो कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा शासन से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि जनता का विश्वास बना रहे और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति मजबूत हो सके।


