
कमलेश ओझा ब्यूरो चीफ बलिया
बंगाल के चर्चित हत्याकांड का बलिया कनेक्शन, गैंगेस्टर कोर्ट में मोनू सिंह का सरेंडर, पत्नी बोली सीबीआई पर भरोसा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के पिए चन्द्रनाथ हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही है, इसके तार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से गहरे जुड़ते जा रहे है। हर बीतते दिन के साथ यह हाई प्रोफाइल मामला एक नया मोड़ ले रहा है।अब इस पूरे हत्याकांड में बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है। इसी बीच एक बड़ी खबर यह आ रही है कि पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आए मोनू सिंह ने बलिया के गैंगेस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है।
चर्चा में आने के बाद मोनू ने जारी किया था वीडियो
जानकारी के मुताबिक बंगाल हत्याकांड में नाम उछलने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस और जांच एजेंसीयां कई बार मोनू सिंह के गांव पहुंची थी। पुलिस ने मोनू के परिजन और ग्रामीणों से कड़ी पूछता की थी। खुद को चौतरफा घिरता देख मोनू सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में उसने बंगाल की इस चर्चित हत्याकांड में खुद को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर गुहार लगाई थी।
गैंगेस्टर कोर्ट में मोनू सिंह का सरेंडर
मोनू सिंह के अधिवक्ता शार्दूल विक्रम सिंह ने बताया कि मोनू सिंह के खिलाफ पहले से ही उत्तर प्रदेश में एक मुकदमा दर्ज था, जिसमें कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी के आधार पर मोनू सिंह ने स्वयं बलिया की गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बताया जहां तक पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड में ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू का नाम जुड़ने की बात है, तो इस बारे में फिलहाल हमारे पास कोई खास या आधिकारिक जानकारी नही है, बताया परिजनों के द्वारा पता चला है कि पुलिस कई बार मोनू सिंह के घर गयी थी।
घर से डीवीआर ले गई सीबीआई, पत्नी को न्याय की उम्मीद
मोनू सिंह के सरेंडर करने के बाद उसकी पत्नी महिमा सिंह मीडिया के सामने आई। महिमा ने पति के सरेंडर की पुष्टि करते हुए बंगाल पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो की कार्रवाई पर बड़ा बयान है।महिमा सिंह ने कहा आज मेरे पति ने बलिया कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में मेरे पति का नाम क्यों और कैसे जुड़ा है, इस बारे में हमे कोई जानकारी नही है। लेकिन पुलिस और सीबीआई की टीम हमारे घर पर 3 से 4 बार आ चुकी है। जांच एजेंसियां हमारे घर से सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गई है। बोली मुझे सीबीआई पर भरोसा है कि वह निष्पक्ष जांच करेगी। मेरे पति पूरी तरह निर्दोष है और हमे न्याय जरूर मिलेगा।
कोर्ट में सरेंडर से पहले मोनू सिंह ने अपने फेसबुक एकाउंट पर जारी किया वीडियो
पश्चिम बंगाल के एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड में नाम आने के बाद चर्चा में आए बलिया के शीतल दवनी निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने से पहले एक वीडियो संदेश अपने फेसबुक अकाउंट पर जारी किया। इस वीडियो में मोनू सिंह ने देश के शिर्ष नेतृत्व से न्याय की गुहार लगाई है और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
वीडियो में ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने कहा आदरणीय योगी जी मोदी जी और सीबीआई महोदय से मेरा निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, मोनू का आरोप है कि उसे एक बड़ी साजिश के तहत फसाया जा रहा है।
गांव के रसूखदार व्यक्ति पर साजिश रचने का आरोप
मोनू सिंह ने अपने ही गांव के प्रभावशाली व्यक्ति मुकेश सिंह पर निशाना साधते हुए कहा, मुकेश सिंह एक बेहद रसूखदार और पहुंच वाला व्यक्ति है। इसके खिलाफ बलिया गाजीपुर और लखनऊ में कम से कम 10 मुकदमे दर्ज है। मोनू ने आरोप लगाया कि बांसडीह थाने की पुलिस मुकेश सिंह को पूरा सहयोग करती है। अपराधीक इतिहास होने के बावजूद पुलिस ने उसे पिस्तौल का लाइसेंस और गनर तक मुहैया करा रखा है। आपसी विवाद के कारण मुकेश सिंह उसे हर मामले में घसीटना चाहता है। मोनू ने मुकेश पर धोखाधड़ी करने और गाजीपुर में डीएम द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की बात भी कहीं।
यूपी पुलिस पर भरोसा नही, एनकाउंटर का सता रहा है डर
गैंगस्टर मोनू ने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि वह अब भागते-भागते थक चुका है और कानून के सामने हाजिर होना चाहता है लेकिन उसे उत्तर प्रदेश पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है क्योंकि इन्होंने हर जगह अपने लोगों को लगा रखा है जो मेरा एनकाउंटर करना चाहते हैं ताकि यह मामला यहीं दब जाए और सच मुकेश सिंह तक न पहुंच सके।
मैं भी आरएसएस का बेटा हूं, जांच में करूंगा पूरा सहयोग
मोनू सिंह ने अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ बताया। उसने कहा मैं भी एक आरएसएस का बेटा हूं। मेरे बारे में भी पता किया जाए मेरे ऊपर जो भी कैस दिखाया जा रहा है, अगर सीबीआई उनकी निष्पक्ष जांच करेगी तो सच सामने आ जाएगा। उसने यह स्वीकार किया कि उसका एकमात्र कसूर यह था कि उसने मुकेश सिंह के कहने पर गाजीपुर में सिर्फ एक गाड़ी छोडी थी और वह आगे की जांच में पूरी तरह सहयोग करने को तैयार है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद से स्थानीय पुलिस प्रशासन और सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद जांच एजेंसियां क्या रुख अपनाती है। फिलहाल मोनू सिंह ने गैंगस्टर कोर्ट बलिया में आत्मसमर्पण कर दिया है।
यूपी से बंगाल तक मचा हड़कंप
पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड मामले में बंगाल की सियासत के साथ-साथ अब यूपी के पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है।बलिया के एक छोटे से गांव से जुड़े इस तार ने जांच एजेंसियों को भी चकरा दिया है।अब देखना यह होगा कि गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर के बाद क्या पश्चिम बंगाल पुलिस या सीबीआई मोनू सिंह को रिमांड पर लेने के लिए बलिया कोर्ट का रुख करती है या नहीं।


