
रसिया दंगल में पूरी रात गूंजा ब्रज रस, मुकेश महाराज की लेखनी और गायकी पर झूमी जनता
संवाददाता आलोक तिवारी
मथुरा। ब्रज की प्राचीन लोक संस्कृति, हास्य-व्यंग्य और भक्ति रस से ओतप्रोत रसिया दंगल का अद्भुत नजारा उस समय देखने को मिला, जब मथुरा-वृंदावन गेट रसिया दंगल समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय रसिया दंगल का शुभारंभ भव्यता एवं उल्लास के साथ हुआ। पूरी रात चले रसिया मुकाबलों में कलाकारों की शब्द साधना, ओजपूर्ण प्रस्तुतियां और समसामयिक विषयों पर आधारित गायकी ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी महानगर जिला अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव, कुंज बिहारी चतुर्वेदी, रामकिशन पाठक एवं भाजपा वरिष्ठ नेता योगेश आभा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर समिति के मंत्री ठाकुर हरि सिंह एवं संयोजक गोपाल शर्मा पत्रकार ने अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर तथा महादेव जी का चित्रपट भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।
रसिया दंगल में अखाड़ा विश्वोढ़ैया के उस्ताद मुकेश महाराज, अखाड़ा खींचचोमल के बृजेंद्र शर्मा तथा हाथरस के प्रसिद्ध कलाकार मनोज शर्मा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। मां सरस्वती वंदना के साथ प्रारंभ हुए मुकाबलों में महाभारत, रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता एवं वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों को रसिया शैली में प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने अपनी तीखी लेखनी, व्यंग्यात्मक शैली और सुरों की मधुरता से ऐसा वातावरण बनाया कि श्रोता पूरी रात रसिया रस में डूबे रहे।
विशेष रूप से उस्ताद मुकेश महाराज की ओजपूर्ण लेखनी और सधी हुई गायकी ने जनता का दिल जीत लिया। वहीं मनोज शर्मा ने अपने पिता के समय की पुरानी रसिया परंपराओं और गायकी की यादें ताजा कर वरिष्ठ श्रोताओं को भावुक कर दिया। बृजेंद्र शर्मा की गायकी को भी दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने कहा कि रसिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि ब्रज संस्कृति की वह जीवंत परंपरा है, जो समाज को संदेश देने और लोगों को जोड़ने का कार्य करती है। कलाकार अपनी कला और शब्दों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का कार्य करते हैं। अंत में दोनों अखाड़ों को कलश, दुपट्टा एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गोविंद हाथी वाले, हप्पन हलवाई, विनोद हलवाई, कपिल वर्मा, ललित अग्रवाल, पिंकू ठेकेदार सहित अनेक गणमान्य लोगों का विशेष सहयोग रहा।


