
भारतीय स्वाधीनता के प्रथम शंखनाद, 1857 के ऐतिहासिक ‘स्वतंत्रता संग्राम’ की वर्षगांठ पर माँ भारती के सभी अमर हुतात्माओं और वीर क्रांतिकारियों को विनम्र श्रद्धांजलि।
यह महासमर परतंत्रता की बेड़ियों को छिन्न-भिन्न करने का वह साहसिक और संगठित प्रयास था, जिसने संपूर्ण राष्ट्र में आजादी की अमर अलख जगाई।
मातृभूमि की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले समस्त ज्ञात-अज्ञात क्रांतिवीरों का सर्वोच्च बलिदान युगों-युगों तक हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।


