
रास्ता खोलो अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित
10 मई तक सभी रास्तों का चिन्हीकरण कर अंतिम सूची प्रमाण-पत्र सहित भेजने के निर्देश
खेत तक पहुंच मार्ग नहीं होने पर राजकीय भूमि की पट्टी आवंटित कर किसानों को दी जाएगी राहत
जनता का सच
स्टेट चीफ राधामोहन अग्रवाल
सवाई माधोपुर, 8 मई।जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में वीसी के माध्यम से “रास्ता खोलो अभियान” की प्रगति एवं तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपखण्ड अधिकारियों, तहसीलदारों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से लंबित प्रकरणों, रास्तों के चिन्हीकरण एवं अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में 1 मई से 30 जून तक “रास्ता खोलो अभियान” के तहत राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज लेकिन मौके पर बंद रास्तों, मौके पर बने लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं रास्तों तथा न्यायालयों में लंबित धारा 251-ए से संबंधित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा। अभियान के दौरान बुधवार एवं गुरुवार को विशेष रूप से पुलिस जाब्ते की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित होने वाले प्रकरणों का प्रभावी समाधान किया जा सके।
*लंबित प्रकरणों में सुनवाई कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश:-* कलक्टर ने सभी उपखण्ड अधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों में नियमित सुनवाई कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी स्थिति में सात दिवस से अधिक की अगली तिथि नहीं दी जाए। उन्होंने उपखण्डवार रास्तों के चिन्हीकरण की समीक्षा करते हुए सभी तहसीलदारों को 10 मई तक समस्त रास्तों का चिन्हीकरण कर अंतिम सूची प्रमाण-पत्र सहित जिला कार्यालय को भिजवाने के निर्देश दिए। सूची के साथ यह प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत किया जाए कि सूचीबद्ध रास्तों के अतिरिक्त अन्य कोई रास्ता अतिक्रमण अथवा रिकॉर्ड प्रविष्टि से शेष नहीं है।
*रास्तों के प्रकरणों का प्राथमिकता से हो निस्तारण:-* कलक्टर ने राजस्थान सम्पर्क पोर्टल, जनसुनवाई एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त रास्ता संबंधी प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो, वहां जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्तियों के माध्यम से आपसी समझाइश कर रास्ते खुलवाए जाएं तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति बनने की आशंका वाले मामलों में पुलिस जाब्ते की सहायता लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
*खेत तक पहुंच मार्ग नहीं होने पर मिलेगी राहत:* – जिला कलक्टर ने राज्य सरकार की नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि बजट वर्ष 2026-27 की घोषणा के तहत अब ऐसे खातेदार किसानों को राहत दी जाएगी, जिनकी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए कोई व्यवहारिक मार्ग उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में जहां खातेदारी भूमि एवं सार्वजनिक मार्ग के बीच केवल राजकीय भूमि की संकरी पट्टी बाधा बनी हुई है, वहां नियमानुसार अधिकतम 20 फीट चौड़ाई तक राजकीय भूमि आवंटित कर पहुंच मार्ग उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि भूमि तक सुगम पहुंच उपलब्ध कराना, वर्षों पुराने रास्ता विवादों का समाधान करना तथा खेती, सिंचाई एवं कृषि यंत्रों के आवागमन को आसान बनाना है। यह सुविधा केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी जहां कोई वैकल्पिक व्यवहारिक मार्ग उपलब्ध नहीं हो।
उन्होंने विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि खुलवाए गए रास्तों पर संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से मोरम डलवाकर उन्हें सुचारू रूप से चालू रखा जाए, ताकि पुनः अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जो रास्ते मौके पर बने हुए हैं लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, उन्हें राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्रवाई की जाए।
*सप्ताह कम से कम 10 रास्तों से अतिक्रमण हटवाने के निर्देश:-* कलक्टर ने जिले में सीमाज्ञान के लंबित आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि प्रत्येक सप्ताह कम से कम 10 रास्तों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें सुचारू रूप से चालू करवाया जाए तथा अभियान के दौरान की गई कार्रवाई के फोटो एवं विवरण नियमित रूप से सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को उपलब्ध करवाए जाएं


