
बेबसी की सबसे खौफनाक तस्वीर…
नियम जीत गया, लेकिन इंसानियत हार गई.!
ओड़िशा की यह क्योंझर जिले से तस्वीर दिल दहला देती है, एक गरीब आदिवासी भाई को अपनी मृत बहन का कंकाल 3 किलोमीटर पैदल उठाकर बैंक ले जाना पड़ा… सिर्फ ₹19,300 निकालने के लिए मौत का सबूत मांगे जाने पर.!
बैंक को “सबूत” चाहिए था, कागजों के ढेर में दावा सही नहीं लगा, लेकिन शमशान से निकला कंकाल “सबूत” बन गया.!
डिजिटल इंडिया के इस युग में, बैंक के नियमों और कागजी प्रक्रिया में एक गरीब के आंसू और मजबूरी के लिए कोई जगह नहीं बची.!
क्या इतना भी संवेदनशून्य हो गया है सिस्टम.? यह सिर्फ एक घटना नहीं, हमारी इंसानियत की शर्मिंदगी


