
सिद्धार्थनगर में धूमधाम से मनाई गई भगवान परशुराम जयंती
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील के करौना चौराहे पर सोमवार को भगवान परशुराम जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ भव्य तरीके से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर पंडित विनय पांडेय द्वारा चंदन तिलक, माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात भगवान परशुराम की स्तुति मंत्रों का उच्चारण हुआ, जिससे पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल बन गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और समाज के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि भगवान परशुराम शस्त्र और शास्त्र दोनों के महान ज्ञाता थे और उन्होंने सदैव धर्म एवं न्याय की स्थापना के लिए कार्य किया।
मुख्य अतिथि समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है और वे पराक्रम, ज्ञान और अनुशासन के प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर उनकी जयंती मनाना अत्यंत शुभ और प्रेरणादायक है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में आए सभी सम्मानित अतिथियों को अंग वस्त्र एवं भगवान परशुराम का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ऋषिदेव ओझा, मुरली धर मिश्रा, शशि कुमार शुक्ल, बाल गोविंद शुक्ल, गोपेश्वर चौबे, ब्रह्मदेव ओझा, नीलू शुक्ला, मनोज मिश्रा, ओम प्रकाश मिश्रा, राजेंद्र मिश्रा, राकेश दूबे, कमलेश दुबे, मृत्युंजय उपाध्याय, हरेंद्र पाठक, दूधनाथ मिश्र, जगदीश मिश्रा, इंद्रदेव शुक्ल, दुर्गेश ओझा, जितेंद्र पांडेय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन आपसी सौहार्द और समाज में एकता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।


