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शाहजहांपुर में मौत का खेल लाइव मकान गिराने पहुंची टीम के सामने ही बाप-बेटों ने लगाई फांसी, एक की हालत नाजुक


शाहजहांपुर में मौत का खेल लाइव मकान गिराने पहुंची टीम के सामने ही बाप-बेटों ने लगाई फांसी, एक की हालत नाजुक

शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने प्रशासनिक कार्रवाई और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जलालाबाद क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाने पहुंची टीम के सामने ही एक ही परिवार के तीन लोगों ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की।

क्या है पूरा मामला
जलालाबाद के मझरेता-मघटोरा गांव** में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम एक चकरोड पर बने मकान को गिराने पहुंची। प्रशासन का दावा है कि मकान अवैध रूप से चकरोड की जमीन पर बना था। जैसे ही बुलडोजर ने कार्रवाई शुरू की, परिवार के मुखिया धनपाल और उनके दो बेटे, विवेक व दुर्गेश विरोध स्वरूप पास ही लगे नीम के पेड़ पर चढ़ गए।

लाइव ‘मौत का खेल’ और हाईवोल्टेज ड्रामा
देखते ही देखते तीनों ने अपने गले में फंदा डाल लिया और पेड़ से लटक गए। प्रशासन और गांव वालों के सामने यह मंजर देख चीख-पुकार मच गई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाई और खुद पेड़ पर चढ़कर तीनों को नीचे उतारा। हालांकि, फंदा कसने की वजह से विवेक की हालत बेहद गंभीर हो गई, जिसे आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि:
* उन्हें मकान गिराने से पहले कोई **कानूनी नोटिस** नहीं दिया गया।
* आरोप है कि कार्रवाई रोकने के एवज में **4 लाख रुपये की रिश्वत** मांगी गई थी।
* रुपये न देने पर जबरन घर उजाड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

सियासी पारा चढ़ा
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय राजनीति गरमा गई है। कई स्थानीय नेता और जन-प्रतिनिधि मेडिकल कॉलेज पहुंच चुके हैं और पीड़ित परिवार के समर्थन में खड़े होकर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात है।

> बड़ी बात:क्या प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर किसी को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर करना उचित है? क्या परिवार द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?


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