
संविधान की पुस्तक अब सिंधी भाषा में भी। 10 अप्रैल को उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन लोकार्पण करेंगे।
समारोह में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष देवनानी भी उपस्थित रहेंगे।
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जनता का सच
स्टेट चीफ राधामोहन अग्रवाल
भारत के संविधान की पुस्तक अब अन्य भाषाओं के साथ साथ सिंधी भाषा में भी उपलब्ध होगी। सिंधी भाषा में तैयार संविधान की पुस्तक का 10 अप्रैल को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन लोकार्पण करेंगे। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने बताया कि लोकार्पण समारोह उपराष्ट्रपति भवन में ही होगा। समारोह में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल भी उपस्थित रहेंगे। वे स्वयं भी समारोह में आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सिंधी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वपूर्ण भूमिका थी। सिंधी भाषा को सरकारी मान्यता के लिए वाजपेयी ने ही संसद में प्रस्ताव रखा था। वाजपेयी ने जो प्रयास किए उसी का परिणाम है कि आज संविधान की पुस्तक सिंधी भाषा में भी उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि सिंधी भाषा एक समृद्ध भाषा है और देश के लाखों सिंधियों के लिए यह गौरव की बात है कि संविधान की पुस्तक सिंधी भाषा में भी लोगों को मिलेगी। देवनानी ने सिंधी भाषा में संविधान की पुस्तक तैयार करवाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।


