
फरसा वाले महाराज हमारे बीच नहीं रहे गौ माता के लिए हुए बलिदान
आगरा।आपको बता दें कि भारत देश में एक से बढ़कर एक तपस्वी, हिम्मतवाले और गौ माता को समिर्पत होने वाले बहुत कम लोग होते हैं आज दिनांक 21 मार्च को सुबह तीन बजे सूचना मिली कि एक गाड़ी में गौ माता भर कर जा रही है फरसा वाले महाराज अपनी टीम को लेकर कोसी कलां पहुंचे और नाका लगाया दिया।3:25 मिनट पर गाड़ी स्पिट से आई उसके शिष्य ने कटा लगाने के लिए आगे बढ़ा फरसा वाले महाराज ने देखा कि गाड़ी वाले ने उसके शिष्य पर गाड़ी चढ़ देगा तुरंत शिष्य को ढका दिया और खुद गौ माता को बचाने में वीरगति को प्राप्त हो गये। तथा यह सूचना पूरे भारत देश से हवा की तरह फैल गई है तुरंत पुलिस प्रशासन और एम्बुलेंस को फोन किया और मौके पर ही गौ पुत्र फरसा वाले महाराज हमारे बीच नहीं रहे। ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज को सारी जानकारी मिली उनके आंखों से आंसू बहने लगे। बड़े दुख की घड़ी है ब्रज धाम का सच्चा संत जिसका जीवन केवल गौ माताओं और गौ रक्षको के लिए समिर्पत हो गया


