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ग्राम उत्थान शिविर में जैविक खेती की कहानी* *गोवर्धन जैविक योजना के अनुदान से शुरू हुआ कृषि को लाभकारी बनाने का सफर


*ग्राम उत्थान शिविर में जैविक खेती की कहानी*
*गोवर्धन जैविक योजना के अनुदान से शुरू हुआ कृषि को लाभकारी बनाने का सफर
जनता का सच
स्टेट ब्युरो राधामोहन अग्रवाल
सवाई माधोपुर, 5 फरवरी। मुख्यमंत्री
भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेशभर में गिरदावर सर्किल पर आयोजित किए जा रहे ग्राम उत्थान शिविर ग्रामीणों के लिए समस्या समाधान के साथ-साथ अपने अनुभव साझा करने और दूसरों से सीख लेने का जरिया भी बन रहे हैं। सवाई माधोपुर उपखण्ड के श्यामपुरा में गुरूवार को आयोजित शिविर भी ऐसा ही एक उदाहरण बना, जिसमें एक किसान ने जैविक विधि अपनाकर खेती को आत्मनिर्भर बनाने का किस्सा अन्य ग्रामीणों के साथ साझा किया।
कृषि पर्यवेक्षक चिरंजी लाल गुर्जर ने बताया कि जिले के ओलवाड़ा निवासी किसान हंसराज मीना ने ग्राम उत्थान शिविर के दौरान बताया कि उन्होंने राज्य सरकार की जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की गोवर्धन जैविक योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ लेकर कृषि को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर लिया है। उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम उन्होंने कृषि विभाग से गोवर्धन जैविक योजना के तहत 10 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त कर जैविक खाद बनाने के लिए एक बेड का निर्माण कराया। इसके बाद उन्होंने अपने अमरूद के बगीचे सहित सभी फसलों के लिए रासायनिक उवर्रकों का उपयोग बन्द कर दिया।
कृषि पर्यवेक्षक ने बताया कि किसान हंसराज ने वर्मी कम्पोस्ट के साथ-साथ कम्पोस्ट खाद और काढा का उपयोग किया जिससे फसलों का उत्पादन बढ़ा और मृदा स्वास्थ्य में भी लगातार सुधार हुआ। रसायनिक खाद से छुटकारा पाने में उनकी दो गाय और दो भैंसों से उपलब्ध गोबर की खाद के अतिरिक्त परम्परागत कृषि विकास योजना, सिंचाई पाइपलाइन आदि से मिले अनुदान ने भरपूर मदद की। इससे इस किसान की कृषि से होने वाली आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
ग्राम उत्थान शिविर में बहुआयामी कृषि मॉडल की यह कहानी जब हंसराज मीना ने बताई तो अन्य किसानों ने इससे प्रेरणा ली और शिविर में मौजूद कृषि अधिकारियों से उनके लिए जैविक खेती सहित कृषि को लाभकारी बनाने वाली अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और उनसे लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए

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