
*गुहार लगाने के बाद भी विधवा को नहीं मिला एक अदद आवास*
*कड़ाके की सर्दी में तिरपाल में कर रही पीड़िता गुजारा*
गरीबों को अपनी छत देने के लिए जहां केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार तक करोड़ों रुपए की आवास योजना चल रही है। वहीं अफसरों की मनमानी व अनदेखी तमाम पात्र गरीब सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से वंचित है। इससे जिम्मेदारों की कर शैली पर सवालिया निशान लगा है।
मौजूदा समय में कड़ाके की सर्दी व शीत लहर से जनजीवन अस्त व्यस्त है अफसर आवासों के साथ दफ्तरों में भी रूम हीटर जल रहे हैं। झींझक ब्लॉक के ग्राम लाल जी का पूर्वा, ग्राम सभा मुडेरा किन्नर सिंह की रहने वाली विधवा रजोली देवी पत्नी मंजू खुलेआम तिरपाल डालकर अपना व अपने बच्चों का गुजारा करने को मजबूर है। पीढता ने बताया कि कई बार अफसरों से एक आदत आवास मुहैया कराने की गुहार लगाई, लेकिन कार्यवाही कागजों में ही सीमित है। इससे वह मजदूरी कर अपने बच्चों का पेट पालने के साथ ही तिरपाल में रात काटने को मजबूर हो रही है। आरोप है कि व ब्लाक के अधिकारी चहेतों को आवास मुहैया करा रहे हैं। लेकिन धनहीन व आश्रय हीन होने के बावजूद उसको पात्र नहीं माना जा रहा है। अपनी छत न होने से सर्दी लगने से उसके मासूम बच्चों के जीवन पर खतरा बना हुआ है।


