
भ्रष्टाचार की शिकायत पर गाव में पहुंची जांच टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण लगे आरोप प्रत्यारोप जिला संवाददाता अर्जुन सिंह
संतकबीरनगर। पंचायत चुनाव नजदीक आते ही शिकायतों के दूर हुए शुरू, साथ ही जांच प्रक्रिया हुई तेज। जिले के सांथा ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत अगिऔना गांव की ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार को लेकर की गई शिकायत पर प्रशासनिक जांच के बाद मामला और गरमा गया है। अगिऔना गांव निवासी शिवसागर पासवान द्वारा जिलाधिकारी को ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार से जुड़ी 29 बिंदुओं की शिकायत सौंपी गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर एक निर्धारित जांच टीम गठित की गई, जिसने गांव पहुंचकर पंचायत में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और उनकी प्रगति व गुणवत्ता का जायजा लिया। जांच टीम ने गांव में सड़क, नाली, खड़ंजा, आवास, साफ-सफाई सहित अन्य विकास कार्यों को मौके पर जाकर देखा। इस दौरान टीम ने संबंधित अभिलेखों का अवलोकन किया और कार्यों की वास्तविक स्थिति का मिलान कागजी रिकॉर्ड से किया। टीम ने ग्रामीणों से भी बातचीत कर विकास कार्यों की स्थिति और शिकायतों के संबंध में जानकारी जुटाई। निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन सहित अन्य स्थलों पर भी जांच की गई। वहीं, शिकायतकर्ता शिवसागर पासवान ने जांच प्रक्रिया को लेकर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट उनके पक्ष में नहीं आती, तब तक वह इस जांच से संतुष्ट नहीं होंगे। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितताएं की गई हैं और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी शिकायत पर अंतिम कार्रवाई तक संघर्ष करते रहेंगे। दूसरी ओर, ग्राम प्रधान परशुराम चौरसिया ने सभी आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। ग्राम प्रधान का कहना है कि पंचायत चुनाव नजदीक आने के कारण चुनावी रंजिश के तहत फर्जी शिकायतें की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता शिवसागर पासवान जानबूझकर ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्राम प्रधान ने यह भी कहा कि पंचायत में कराए गए सभी विकास कार्य नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से किए गए हैं, जिनकी जांच किसी भी स्तर पर कराई जा सकती है। ग्राम प्रधान का दावा है कि पंचायत के सभी अभिलेख पूर्ण हैं और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच टीम ने जो भी निरीक्षण किया है, उसमें कोई भी गड़बड़ी नहीं मिलेगी। वहीं, ग्रामीणों में इस जांच को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ ग्रामीणों ने विकास कार्यों से संतोष जताया, जबकि कुछ ने जांच को सही कदम बताया।
फिलहाल, जांच टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे उच्च अधिकारियों को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और ग्राम पंचायत में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।


