
खबर का हुआ असर बिर्रा थाना के रिश्वतखोरअनिल सिंह अजगल्ले प्रधान आरक्षक लाइन हाजिर
बिलासपुर संभाग हेड सुखदेव कुमार आजाद
जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले के खिलाफ पुलिस अधीक्षक ने कड़ी और तत्काल कार्रवाई की है। पीड़ित महिला ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि मारपीट के एक प्रकरण में न्यायालय में चालान पेश करने के लिए प्रधान आरक्षक द्वारा रिश्वत की माँग की गई। पैसे नहीं देने पर चालान में स्कूटनी निकलवाकर पेश ही नहीं करेंगे” जैसी धमकी भी दी गई पीड़िता की तकलीफ और शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी जांजगीर-चांपा ने तत्काल प्रभाव से आरोपी प्रधान आरक्षक को थाना बिर्रा से हटाते हुए लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध प्राथमिक जांच भी प्रारंभ कर दी गई है, जिसमें रिश्वत मांगने के सभी आरोपों की विस्तृत जांच की जाएगी।सूत्रों के मुताबिक पीड़िता न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुँची थी लेकिन वहां भी पैसे की मांग ने उसे दोबारा पीड़ा दी। मामला जब उच्चाधिकारियों तक पहुंचा, तब शिकायत को तत्काल संज्ञान में लिया गया और बिना किसी देरी के कार्रवाई की गई।पुलिस विभाग ने साफ संदेश दिया है कि जनता से रिश्वतखोरी और अवैध वसूली किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई से पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पीड़ितों को न्याय दिलाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है लापरवाही या भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यदि जांच में आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं इस पूरे मामले के बाद जनता के बीच यह संदेश गया है कि मीडिया और पीड़ितों की आवाज असरदार होती है और शिकायत करने पर न्याय अवश्य मिलता है।


