Advertisement

बलिया-रामरति सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामपुर में किया गया सप्त-शक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन*


*जनता का सच-समाचार,पत्र*
*रिपोर्ट-राजेश”महाजन”**
*मंडल-प्रभारी,आजमगढ़-मंडल* *(बलिया,मऊ,आजमगढ़)*
*मो०न०-08115659303*
**************************
*बलिया-रामरति सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामपुर में किया गया सप्त-शक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन*
*बलिया* :- रामरति सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामपुर उदयभान,बलिया में अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान गोरक्ष-प्रान्त के तत्वाधान में सप्त शक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया | सर्वप्रथम आये हुयी मातृशक्ति एवं अतिथि मातृशक्ति के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करके एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभ आरम्भ किया गया | मंचस्थ अतिथियों का परिचय विद्यालय की वरिष्ठ आचार्या उषा जी द्वारा कराया गया परिचय की श्रृंखला में मुख्य वक्ता -1 डॉ,नीरू माथुर भटनागर “महिलाओं के लिए परामर्श केंद्र (नई उमंग)”व समाजिक कार्यकर्ता, मुख्य वक्ता -2 श्रीमती सुनीता गुप्ता व्याहुत व्यवसायी एवं समाज सेविका,विशिष्ठ अतिथि डॉ.स्वस्तिका पाण्डेय, मुख्य अतिथि डॉ अमिता सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह, सप्त शक्ति संगम की गोरक्ष प्रान्त की सह संयोजिका श्रीमती भारती सिंह,गोरक्ष प्रान्त प्रभारी मा.श्री अक्षय ठाकुर जी, सप्त शक्ति संगम की जिला संयोजिका श्रीमती प्रतिमा सिंहजी उपस्थित रहीं |
कार्यक्रम की प्रस्ताविकी में प्रधानाचार्य श्रीमती प्रतिमा जी ने कहा कि हर स्त्री के अंदर नव दुर्गा के सभी स्वरूपों का वास होता है | आवश्यकता है हमे अपने अंदर की शक्तियों को जागृत करने की जो हम नारी शक्ति भूलती जारही है| इन्ही शक्ति जो जगाने हेतु विद्याभारती द्वारा समस्त भारतवर्ष में “सप्त शक्ति संगम” के कार्यक्रम का आयोजन विद्यालयों के माध्यम से किया जारहा है |
कार्यक्रम की प्रथम वक्ता डॉ.नीरू माथुर भटनागर जी ने अपने वक्तव्य में कहा- कुटुंब प्रबोधन का अर्थ है भारतीय संस्कृति और संस्कारों को मजबूत करने और अगली पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति जागरूक बनाने के लिए परिवार को सशक्त बनाना। इसमें परिवार के सदस्यों को एक साथ समय बिताने, संवाद करने, और भारतीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। भारतीय परंपराओं और संस्कृति से जुड़े रहने के लिए “भाषा, भूषा, भजन, भवन, भ्रमण और भोजन” का पालन करना। सप्त शक्ति कार्यक्रम का उद्धेश्य महिला सशक्तिकरण और आत्म निर्भरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य महिलाओं में ‘सप्त शक्तियों’ – कीर्ति, श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा – को जगाना है आदि विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की कार्यक्रम की द्वितीय वक्ता जी ने अपने उद्बोधन में बालक बालिका के निर्माण में माता का योगदान पर विस्तार पूर्वक विषय प्रस्तुत किया घर परिवार का वातावरण संस्कार युक्त, परिवार में बड़ो का सम्मान, छोटो को प्यार आदर भाव सम्मान बना रहे ,यह एक माँ ही अपने बच्चों में दल सकती है छात्र बहनों द्वारा नृत्य एवं वीरांगनाओं के वेश-भूषा के साथ प्रेनादायी सन्देश प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम प्रमुख प्रियम्बदा दीदी द्वारा माताओं की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करायी गयी जिसमें उत्तर देने वाली माताओं को पुरस्कृत भी किया गया | साथ ही समाज की प्रेरणादायी एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाली नारी डॉ०स्वस्तिका पाण्डेय,डॉ०अमिता सिंह एवं अभिभाविका कुसुम सिंह जी को भी सम्मानित किया गया अभिभाविका सरोज सिंह द्वारा कार्यक्रम के बारे में अनुभव कथन प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम के अंत में सप्तशक्ति संगम की गोरक्ष प्रान्त की सह संयोजिका श्रीमती भारती सिंहजी द्वारा सभी मातृशक्ति को संकल्प कराया गया तत्पश्चात कार्यक्रम की अध्यक्ष द्वारा सभी आये हुए गणमान्य अतिथि एवं मातृशक्ति का आभार एवं बहुत बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया गया कार्यक्रम का सफल संचालन खुश्बू जी के द्वारा करते हुए कल्याण मंत्र के साथ समापन किया गया

Janta Ka Sach News