छोटी थाली में बड़ा बदलाव, पयागपुर की ममता में दिखा मातृत्व पोषण का असर
स्टेट ब्यूरो चीफ अब्दुल नासिर जनता का सच
बहराइच, 24 अक्टूबर। गर्भावस्था के नौ महीने केवल एक बच्चे के जन्म तक सीमित नहीं हैं बल्कि ये भविष्य की सेहत की बुनियाद रखते हैं। इस दौरान मां को मिले सही पोषण का असर पीढ़ियों तक महसूस किया जा सकता है। विशेषज्ञ चिकित्सक इसके लिए दैनिक भोजन में पौष्टिकता शामिल करते हुए गर्भवती को पूरक आहार के रूप में प्रतिदिन आयरन/फोलिक एसिड टेबलेट लेने की सलाह देते हैं।
एसीएमओ डॉ. संतोष राना के अनुसार, गर्भावस्था में महिला स्वयं के साथ गर्भस्थ शिशु का भी पोषण करती है। ऐसे में सही पोषण न मिलने पर उसे एनीमिया यानी खून की कमी हो सकती है, इससे प्रसव दौरान या पश्चात रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। इसीलिए गर्भवती को दैनिक भोजन में पौष्टिकता शामिल करने और आयरनदृफोलिक एसिड व कैल्शियम की टेबलेट लेने की सलाह दी जाती है।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार के अनुसार, आयरनदृफोलिक एसिड टेबलेट सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध हैं और इसे ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित वीएचएसएनडी सत्रों के दौरान सभी गर्भवती महिलाओं को एक गोली और एनिमिक गर्भवती को प्रतिदिन दो गोली सेवन के लिए दिया जाता है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत भी गर्भवती महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित प्रसव सेवाओं की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है।
एचएमआईएस आंकड़ों के अनुसार जनपद में अप्रैल 2024 से सितंबर 2025 तक कुल 74,542 गर्भवती महिलाओं में से 71,868 महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड टेबलेट दी गईं और 5463 गंभीर एनीमिक महिलाओं का आयरन सुक्रोज इंजेक्शन के माध्यम से सफलतापूर्वक इलाज किया गया। इन प्रयासों से न सिर्फ एनीमिया का प्रबंधन किया गया बल्कि 45,323 माताओं का अस्पताल में सुरक्षित प्रसव भी कराया गया।
पयागपुर की एएनएम शशी प्रभा कहती हैं पहले गर्भवती और धात्री माताएं पोषण पर बात करने में झिझकती थीं, उन्हें लगता था कि इसमें खर्च अधिक आएगा। अब माता बैठकों में उन्हें सिखाया जाता है कि घर पर ही लौकी, करेला, परवल, हरी पत्तेदार साग सब्जियां उगा कर हर दिन थाली में पोषण शामिल किया जा सकता है। अंकुरित दालें प्रोटीन देती हैं, गुड़ आयरन की कमी पूरी करता है, और लोहे की कढ़ाई में खाना पकाने से आयरन की मात्रा बढ़ती है।
सेमिरियावाँ की ममता देवी (30) बताती हैं अब मैं जानती हूँ कि ताकत देने वाला खाना और खून बढ़ाने वाला खाना अलग-अलग होता है। इसलिए मैं अपने खाने में सिर्फ रोटी-दाल नहीं, बल्कि हरी पत्तेदार साग सब्जी, मौसमी फल और दूध के साथ आयरन और कैल्शियम का टेबलेट भी सेवन करती हूँ। पहले कमजोरी रहती थी, अब थकान नहीं लगती।


