
[31/08, 10:34] Pawan Ji Baliya: जिला संवाददाता पवन जायसवाल की रिपोर्ट
जनपद बलिया मुरली परा ब्लॉक में पत्रकार और ग्राम प्रधान के बीच मारपीट भ्रष्टाचार को उजागर करने की कीमत चुकाई पत्रकार ने
संवाददाता बलिया 29 अगस्त 2025 एक दिल दहला देने वाली घटना मुरली छपरा ब्लॉक के कोडहरा नोवारार ग्राम सभा से सामने आई है जहां एक पत्रकार को अपनी रिपोर्टिंग के लिए न केवल धमकाया मिली बल्कि उसकी पिटाई भी की गई यह घटना पंचायत भवन पर हुई जब पत्रकार अजीत सिंह अपनी पत्नी के साथ चुनाव संबंधित कार्यों के लिए वहां पहुंचे थे अजीत सिंह जो वर्षों से अपने कर्तव्यों को निष्ठा से निभा रहे थे गांव में चल रहे भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्यों की खबर छपी थी उनकी यह रिपोर्ट ग्राम प्रधान अशोक यादव को बुरी तरह से नागौर गुजरी पत्रकार के मुताबिक इस खबर के बाद ग्राम प्रधान ने उन्हें धमकाया और फिर मारपीट की अजीत सिंह का कहना है कि प्रधान ने न केवल उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया बल्कि भविष्य में ऐसी खबरें न छापने की भी धमकी दी पत्रकार में बताया कि ग्राम सभा में चल रहे निर्माण कार्य में मानक पूरी तरह से दरकिनार किए गए थे यहां मामला उन्होंने बीडीओ एडीओ और ग्राम सचिव तक पहुंचा जिसके बाद निर्माण कार्य रोका गया इस कार्य को रुकते हुए देख प्रधान नफरत भड़क उठी और उन्होंने पत्रकार को पंचायत भवन मैं आकर बेरहमी से पिटा
[31/08, 10:38] Pawan Ji Baliya: ग्राम प्रधान अशोक यादव ने इस पूरे मामले में अपनी सफाई दी उनका कहना था कि उन्होंने सिर्फ इसलिए पत्रकार को विरोध किया क्योंकि वह एक तरफ और नकारात्मक खबर छपते थे प्रधान के मुताबिक वह अपनी जिम्मेदारी पूरी जिम्मेदारी से निभाते हैं लेकिन पत्रकार ने उन्हें बिना किसी आधार के बदनाम करने की कोशिश की उन्होंने आरोप लगाया कि अजीत सिंह ने उन्हें चोर तक कह दिया जिससे दोनों के बीच हाथापाई हुई पत्रकारिता और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष या घटना केवल पात्रता की स्वतंत्रता और सवाल नहीं उठाते बल्कि यह उसे भाई और दबाव को भी उजागर करती है जिसे समाज में सच का सामना करने वाले लोग अक्सर झेलते हैं अजीत सिंह जो सिर्फ अपने जिम्मेदारी निभा रहे थे अपनी जान तक जोखिम में डालनी पड़ी यह घटना यह भी साबित करते हैं कि आज भी कई जगहों पर भ्रष्टाचार और गलत कार्यों के खिलाफ आवाज उठाना आसान नहीं है घटना की सूचना ग्राम प्रधान में क्षेत्र अधिकारी बैरिया को शिकायत दी और पुलिस ने दोनों पक्षों से तहरीर लेकर मामला दर्ज किया फिलहाल बैरिया पुलिस इस मामले की जांच कर रही है यह घटना एक ऐसी गहरी सच्चाई को सामने लाती है कि समाज में कुछ लोग हर हाल में सत्य को दबाने की कोशिश करते हैं और पत्रकारों को अपने जान की कीमत पर भी सच का सामना करना पड़ता है जब पत्रकारिता अपना कर्तव्य को निभाने की दिशा में किसी पर हमला करते हैं तो यह लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बन जाता है यह घटना में यह सिद्ध कर दिया है कि सच की खोज कभी-कभी न केवल संघर्षों का रूप लेती है बल्कि इसमें किसी भी कीमत पर अपनी जान का जोखिम भी होता है


