
*भविष्य की उड़ानः चतुर्थ जिला स्तरीय सम्मान समारोह*
*विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं के लिए योगदान अच्छी पहलः कलक्टर*
*काना राम ने 541 भामाशाहों और 29 प्रेरकों का सम्मान किया*
*योजना में अब तक 37 करोड़ रुपये से अधिक सहयोग राशि प्राप्त
जनता का सच
स्टेट ब्युरो राधामोहन अग्रवाल
सवाई माधोपुर, 6 फरवरी। राजकीय विद्यालयों में सुविधाओं के विकास के लिए संचालित जिला प्रशासन सवाई माधोपुर के विशिष्ट नवाचार ‘भविष्य की उड़ान’ में सहभागी बनने वाले 541 भामाशाहों और 29 प्रेरकों के लिए जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार को सार्वजनिक सम्मान समारोह आयोजित हुआ। यह अभिनव योजना सामुदायिक कल्याण में जन सहभागिता की सफलता का उत्कृष्ट प्रमाण है, जिसमें आम ग्रामीणों, राजकीय विद्यालयों के शिक्षक-कार्मिकों एवं पूर्व विद्यार्थियों तथा अन्य भामाशाहों से अब तक 37 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है।
समारोह के मुख्य अतिथि जिला कलक्टर काना राम ने भविष्य की उड़ान योजना की सफलता के लिए जिलेवासियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यहां के निवासी शिक्षक, अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय व्यवसायी सहित आम लोग इस योजना के जरिए योगदान कर रहे हैं। यह अच्छी पहल है। इससे बच्चों के लिए विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अपने क्षेत्र में सुविधाओं के लिए योगदान कर रहे जिले के भामाशाहों को सम्मानित करना एक सुखद अनुभव है। यह चतुर्थ जिला स्तरीय भामाशाह एवं प्रेरक सम्मान समारोह शिक्षा विभाग और महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया भी उपस्थित थे।
*वर्ष 2022 में शुरू योजना :-* जिला कलक्टर ने भविष्य की उड़ान योजना की सफलता का श्रेय पूर्व जिला कलक्टर सुरेश ओला को देते हुए कहा कि उनके द्वारा वर्ष 2022 में लगाया गया यह पौधा अब बड़ा वृक्ष बन चुका है। समाज में हर वर्ग और व्यवसाय के लोग इसमें सहभागी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 6 करोड़ रुपये का योगदान देने वाले भामाशाहों का आज सम्मान किया जा रहा है। इस योजना में प्राप्त राशि के साथ मुख्यमंत्री जन सहभागिता योजना की हिस्सा राशि मिलाकर राजकीय विद्यालयों में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। आने वाले समय में भविष्य की उड़ान योजना और अधिक भव्य रूप में सामने आएगी।
*ग्रामीण सामाजिक उत्तरदायित्व योजना :-* काना राम ने कहा कि सवाई माधोपुर जिले के विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं के लिए अलग-अलग व्यवसायों की ओर से व्यावसायिक सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत राशि दी गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय लोगों द्वारा दिया गया सहयोग अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसे ग्रामीण सामाजिक उत्तरदायित्व (जीएसआर) कहा जाना चाहिए। ग्रामीणों ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए छोटी-छोटी राशि देकर बड़ा योगदान दिया है। आने वाले दिनों में और अधिक संख्या में लोग इस पहल के साथ जुड़ेंगे। इस प्रकार यह योजना एक बड़ा बदलाव साबित होगी।
कलक्टर ने कहा कि पुराने समय में मंदिरों सहित अन्य सामुदायिक आवश्यकताओं के लिए सामूहिक योगदान दिया जाता था। आज जिले के लोग शिक्षा के मंदिरों में निर्माण एवं सुविधाओं के विकास के लिए सहयोग राशि दे रहे हैं। यह एक नई धारा शुरू हुई है, जिसके अच्छे परिणाम मिलेंगे। इस जिले के विद्यालय भामाशाहों के सहयोग से भव्य रूप में निखर सकेंगे और विद्यार्थियों का भविष्य निखारने में योगदान देंगे।
*अब तक 37 करोड़ रुपये से अधिक एकत्रित :-* अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (समग्र शिक्षा) दिनेश गुप्ता के अनुसार, भविष्य की उड़ान योजना के तहत अब तक जिले में 37 करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटाई गई है। योजना की सफलता इस बात से प्रमाणित है कि लगभग 2000 लोगों ने इसमें सहभागिता की है। सरसों की तूड़ी बेचने से प्राप्त राशि तथा मृत्यु भोज जैसे आयोजन नहीं करने से हुई बचत की राशि सहित विद्यालयों के पूर्व शिक्षकों आदि ने अपनी हैसियत के अनुरूप अंशदान कर यह राशि एकत्रित की है। इस योजना में प्राप्त राशि से जिले के लगभग 700 राजकीय विद्यालयों में भवन मरम्मत कार्य तथा नए कक्षों और टॉयलेट आदि सुविधाओं का निर्माण करवाया गया है। कुछ विद्यालयों में सम्पूर्ण भवनों का निर्माण और विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर भी उपलब्ध करवाया गया है।
*भविष्य की उड़ान योजना :-* सवाई माधोपुर में जिला प्रशासन की ओर से सामुदायिक सहयोग के लिए यह योजना अप्रैल 2022 में शुरू की गई। इसके तहत स्थानीय लोगों से सरसों फसल की भूसी (तूड़ी) को जलाने की बजाए सामूहिक रूप से बेचकर उससे प्राप्त राशि, मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुरीति को छोड़कर उससे हुई बचत एवं अन्य पारिवारिक-सामाजिक आयोजनों पर दान के रूप में सहयोग राशि विद्यालयों में कक्षों और टॉयलेट के निर्माण, भवन की मरम्मत, खेल सुविधाओं, फर्नीचर, कम्प्यूटर, लैब, पुस्तकों सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्राप्त की जाती है। इस योजना के लिए स्थानीय शिक्षक और विद्यालय संस्थाओं के प्रमुख, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य जन दानदाताओं को सहयोग राशि देने के लिए प्रेरित करते हैं। इसमें मुख्यमंत्री जन सहभागिता योजना से प्राप्त राशि मिलकर विद्यालयों में विकास कार्य करवाए जाते हैं।
सम्मान समारोह में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मीना लसाड़िया, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरकेश मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक देवीलाल मीणा, एडीपीसी समसा दिनेश गुप्ता सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के संस्था प्रधान, बड़ी संख्या में शिक्षक और गणमान्यजन उपस्थित रहे। कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी।


